गोपाल राव बोले- मुझे केवल बैठकों से दूर रहने को कहा गया
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल नागरकट्टे उर्फ गोपाल राव ने PTI से बातचीत में स्पष्ट किया कि उन्हें ट्रस्ट से नहीं हटाया गया है, बल्कि कुछ समय के लिए ट्रस्ट की बैठकों से दूर रहने के लिए कहा गया था। दान चोरी के मामले को छोड़कर उनके खिलाफ लगाए जा रहे सभी अन्य आरोप पूरी तरह निराधार हैं।
हालिया ट्रस्ट बैठक के बाद पहली बार मीडिया से बातचीत में गोपाल राव ने कहा कि विवाद सामने आने के बाद दो आमंत्रित सदस्यों ने नैतिक आधार पर इस्तीफा दिया था, जिसे स्वीकार कर लिया गया। इसके बाद तय किया गया कि वह कुछ समय तक ट्रस्ट की कार्यवाही में शामिल नहीं होंगे। नई व्यवस्था लागू होने तक वह पूरा सहयोग करेंगे और नई टीम के कार्यभार संभालने के बाद स्वयं अलग हो जाएंगे।
गोपाल राव ने कहा कि राम मंदिर का संचालन पूरी तरह सामान्य तरीके से चल रहा है और लोगों को अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाया गया सोना, चांदी और अन्य दान पूरी तरह सुरक्षित है। यदि कोई इसकी पुष्टि करना चाहता है तो वह कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि दान चोरी के मामले में गिरफ्तार आठ आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई पुलिस का विषय है, ट्रस्ट का नहीं।
हालांकि ट्रस्ट की ओर से एक दिन पहले कहा गया था कि कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि ने गोपाल राव को प्रशासक और विशेष आमंत्रित सदस्यों की सूची से हटाने का निर्णय लिया है। इस बीच सूत्रों के अनुसार गोपाल राव ने मंदिर परिसर स्थित अपना आवास खाली कर कारसेवक पुरम में शिफ्ट कर लिया है तथा वाहन पास भी लौटा दिया है। उधर दान चोरी मामले में एसआईटी की जांच जारी है।