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रामनवमी के बाद फिर शुरू हो सकता पत्थर तराशी का कार्य, घिसाई के लिए अहमदाबाद से आएंगे कारीगर

Tue, 11 Feb 2020 09:42 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
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पत्थरों की सफाई करते कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला
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राममंदिर के लिए ट्रस्ट गठन होने के बाद अब रामजन्मभूमि न्यास कार्यशाला की भी गतिविधियां तेज हो हो गई है। रामजन्मभूमि पर प्रस्ताव मंदिर के लिए तराश गए पत्थरों को रामजन्मभूमि कार्यशाला में पिछले 28 वर्षों से जमा किया गया है जिनसे उनकी चमक धूमिल हो गई है। 
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अब चूंकि शीघ्र राममंदिर का निर्माण शुरू होने वाला है इसलिए इन पत्थरों को चमकाने का काम तेज कर दिया गया है। कार्यशाला में मजूदर पत्थरों की धुलाई में जुट गए हैं। एक सप्ताह के भीतर मजूदरों की संख्या भी बढ़ाकर काम तेज किया जाएगा। साथ ही कई महीनों से बंद पड़ा पत्थरतराशी का कार्य भी रामनवमी से पुन: शुरू होने की संभावना है। इसके लिए भी कारीगर बढ़ाए जाएंगें। 

रामजन्मभूमि पर प्रस्तावित मंदिर के लिए तराशे गए पत्थरों पर काई जमा होने से चमक फींकी पड़ने लगी है। कार्यशाला में 1991 से पत्थर तराशी का काम शुरू हुआ था। तब से करीब 28 साल से तराशे गए पत्थरों को रामजन्मभूमि न्यास कार्यशाला में रखा गया है। लंबे समय से तराशे जाने के बाद जहां के तहां पड़े पत्थरों पर काई जम चुकी है। 
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अब चूंकि राममंदिर के हक में फैसला आ चुका है और नया ट्रस्ट भी गठित हो सकता है इसलिए राममंदिर निर्माण का मार्ग पूरी तरह प्रशस्त होने के बाद काई जमी इन पत्थरों को चमकाने का काम तेज कर दिया गया है। वर्तमान में 28 साल से जमा तराशे गए पत्थरों की धुलाई का कार्य तेज कर दिया गया है।

तीन मजूदरों द्वारा प्रतिदिन पत्थरों की धुलाई की जा रही है ताकि राममंदिर निर्माण शुरू होने में कोई अड़चन न आए।  कार्यशाला में अब तक राममंदिर के लिए सवा लाख घनफुट पत्थर तराश कर रखे गए हैं। जिनसे मंदिर का एक मंजिला एवं गर्भगृह तैयार हो जाएगा।
 
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राममंदिर निर्माण की शुरू हो चुकी है तैयारी: सोमपुरा 

कार्यशाला के सुपर वाइजर अन्नू भाई सोमपुरा बताते हैं कि इन पत्थरों की सफाई शुरू करा दी गई हैं। 22 को गुजरात जा रहा हूं वहां से करीब आधा दर्जन महिला कारीगरों को लाकर पत्थरों की घिसाई का काम भी तेज किया जाएगा। पानी से पत्थरों की धुलाई कराई जा रही है। 

पत्थरों में काई जम चुकी है इसलिए इन्हें फिर से चमकाने में ज्यादा वक्त लग सकते हैं। इस कार्य को पूर्ण करने के लिए जल्द से जल्द कारीगरों की संख्या बढ़ा दी जाएगी। कहा कि जैसे-जैसे पत्थर साफ होने जाएंगे इन्हें रामजन्मभूमि पहुंचाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। कहा कि रामनवमी से शेष बचे पत्थरों की भी तराशी का कार्य शुरू होने की उम्मीद है। हालांकि इन सब पर निर्णय अब नवगठित ट्रस्ट को करना है, फिर भी हमारी तैयारी शुरू हो गई है।
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