अयोध्या सोलर सिटी के मॉडल को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी दर्ज कराने की तैयारी है। इसके लिए उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपीनेडा) ने कार्ययोजना तैयार कर ली है। इसके तहत अयोध्या में दुनिया की सबसे बड़ी सोलर पावर्ड स्ट्रीट लाइट्स लाइन'' परियोजना को पूरा किया जाएगा। उधर, महर्षि वाल्मीकि एयरपोर्ट की सुरक्षा में सीआईएसएफ को मंगलवार को तैनात कर दिया गया। अभी तक उप्र विशेष सुरक्षा बल एयरपोर्ट की सुरक्षा संभाल रहा था। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने छह माह पूर्व इस बदलाव का फैसला लिया था।
150 कमांडो की होगी तैनाती
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 22 जनवरी को राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह से कुछ दिन पहले अयोध्या हवाई अड्डे के लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के 150 से कमांडो की तैनाती की मंजूरी दी है। गृह मंत्रालय ने एक डिप्टी कमांडेंट रैंक अधिकारी की कमान के तहत इन कमांडो की सशस्त्र टुकड़ी को मंजूरी दे दी है। आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को कहा कि महर्षि वाल्मिकी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, अयोध्याधाम केंद्रीय बल के विशेष विमानन सुरक्षा समूह (एएसजी) के कवर में आने वाला देश का 68वां नागरिक हवाई अड्डा टर्मिनल है। सीआईएसएफ अयोध्या हवाई अड्डे को आतंकवाद और अन्य खतरों से रक्षा करेगी। इस नवनिर्मित हवाई अड्डे का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में किया था।
सोलर लाइट का आधे से अधिक काम पूरा
यूपीनेडा के परियोजना अधिकारी (अयोध्या) प्रवीण नाथ पांडेय ने बताया कि 22 जनवरी के पहले ही अयोध्या में लक्ष्मण घाट से लेकर गुप्तार घाट होते हुए निर्मली कुंड तक 10.2 किलोमीटर के स्ट्रेच में 470 सोलर स्ट्रीट लाइट्स लगाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज किया जाएगा। 70 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लिया गया है और शेष 30 प्रतिशत कार्य भी जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। सभी सोलर पावर्ड स्ट्रीट लाइटें एलईडी आधारित हैं। ये 4.4 वॉट पावर पर कार्य करती हैं।
अभी तक सऊरी अरब के मलह में ''लॉन्गेस्ट लाइन ऑफ द सोलर पावर्ड स्ट्रीट लाइट्स'' के तौर पर गिनीज बुक में रिकॉर्ड कायम किया गया था। मलहम में 9.7 किलोमीटर में 468 सोलर पावर्ड लाइटें लगाई गई हैं। अब अयोध्या में 10.2 किलोमीटर में 470 सोलर पावर्ड लाइटें लगाकर इस रिकॉर्ड को ध्वस्त किया जाएगा। मालूम हो कि इससे पहले वर्ष 2023 में दीपावली के वक्त सरयू घाटों पर दीपोत्सव में अवध विश्वविद्यालय के 25000 वॉलेंटियरों ने मिलकर 22.23 लाख दीपक जलाकर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में जगह बनाई थी।