अयोध्या में निर्मित भव्य राम मंदिर।
- फोटो : amar ujala
भूतल में स्थापित बालक राम की मूर्ति श्याम शिला में गढ़ी गई है, लेकिन प्रथम तल पर स्थापित होने वाले रामदरबार की सभी मूर्तियां सफेद संगमरमर से निर्मित होंगी। राम दरबार में राजा राम सहित माता सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न व हनुमान जी की मूर्तियां स्थापित की जाएंगी। राम दरबार की स्थापना का काम दिसंबर के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा।
राममंदिर निर्माण समिति की बैठक सोमवार से राम जन्मभूमि परिसर में शुरू हुई। बैठक से पहले नृपेंद्र मिश्र ने मंदिर निर्माण की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रामदरबार, सप्त मंडपम व परकोटे में बनने वाले मंदिरों की मूर्तियां संगमरमर की होंगी। संगमरमर राजस्थान के मकराना से आएगा। जयपुर के कारीगर मूर्तियों का निर्माण करेंगे। बताया कि सप्त मंडपम में सात मंदिर बनने हैं। इनके निर्माण का कार्य अक्तूबर तक पूरा हो जाएगा। परकोटे के मंदिर की मूर्तियां भी संगमरमर की बनेंगी। परकोटे में भी छह मंदिर बनने हैं। परकोटे में बन रहे शिवमंदिर की मूर्ति अलग पत्थर से बनेगी। पत्थर का चयन किया जा रहा है।
ये भी पढ़ें - दिग्गजों की सीट पर ही हुआ कम मतदान, कई सीटों पर 40 फीसदी से ज्यादा मतदाता बूथों तक नहीं पहुंचे
ये भी पढ़ें - भगवा ब्रिगेड के सियासी प्रयोगों की अब परीक्षा, नतीजों से तय होगी कितनी कारगर रहीं BJP की तैयारियां
रामकथा संग्रहालय के जीर्णोद्धार का काम शुरू, नए तरीके से बनेंगी गैलरियां
नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि रामकथा संग्रहालय के जीर्णोद्धार का काम शुरू कर दिया गया है। यहां स्थापित गैलरियों का निर्माण नए तरीके से किया जाएगा। यहां रामायण कालीन वस्तुएं सहेजी जाएंगी। राममंदिर आंदोलन के 500 सालों के संघर्ष को भी दर्शाया जाएगा। रामकथा का दर्शन आधुनिक तकनीक के माध्यम से भक्त कर सकेंगे। यहां पहले से जो धरोहर सुरक्षित रखी गई हैं, उन सभी को नई वीथिकाओं में प्रदर्शित किया जाएगा।