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अयोध्या: राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा आज, सदियों तक दमकता रहेगा मंदिर; इस खास पत्थर से बनाई गई हैं मूर्तियां

Thu, 05 Jun 2025 08:02 AM IST
रोहित मिश्र नितिन मिश्र, अमर उजाला संवाद, अयोध्या

सार

Ram Darbar Prana Pratishtha: अयोध्या में राम दरबार की स्थापना आज होगी। मुख्य आयोजन 11 बजे के बाद होगा। सीएम योगी इस मौके पर मौजूद रहेंगे। 
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कुछ इस तरह का दिखेगा राम दरबार। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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 रामनगरी की पावन भूमि पर अब ऐसा इतिहास रचा जा रहा है, जिसकी आभा आने वाली पीढि़यां भी महसूस करेंगी। श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण वास्तुकला और वैज्ञानिक सोच का भी बेजोड़ उदाहरण बन रहा है। राम मंदिर के प्रथम तल पर स्थापित होने वाले राम दरबार की महिमा केवल धार्मिक नहीं, बल्कि स्थापत्य की दृष्टि से भी अतुलनीय होने जा रही है। राम दरबार का निर्माण जिस संगमरमर पत्थर से हुआ है, वह न केवल मजबूती में अद्वितीय है, बल्कि उनमें जो चमक और दीप्ति है वह सदियों तक धूमिल नहीं होगी।

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राम दरबार को गढ़ने वाले प्रख्यात मूर्तिकार सत्य नारायण पांडेय बताते हैं कि मूर्ति निर्माण के लिए पत्थरों की बड़ी खेप खरीदते हैं। राम दरबार के निर्माण के लिए संगमरमर की जो शिला चयनित की गई, वह करीब 40 साल पुरानी है। नए संगमरमर के पत्थर उतने अच्छे नहीं मिल पा रहे हैं। उनका दावा है कि एक हजार साल तक राम दरबार की मूर्ति सुरक्षित रहेगी। इस पत्थर की खासियत यह है कि इसे जितना धोया जाएगा, स्नान कराया जाएगा, उतना ही इसकी चमक बढ़ेगी।

मूर्तिकार सत्य नारायण ने बताया कि पत्थरों के चयन में छह माह लग गए। राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अच्छे से अच्छा पत्थर चयनित करने को कहा था। जब यह पत्थर चुना गया, उसके बाद आईआईटी हैदराबाद के वैज्ञानिकों की टीम ने इसकी गहन वैज्ञानिक जांच की। इसमें वैज्ञानिकों की भी मदद ली गई। मौसम, समय और वातावरण के प्रभाव को झेलने की क्षमता पर विशेष ध्यान दिया गया। इसमें ताकत, नमी सोखने की दर, घर्षण क्षमता और तापमान सहिष्णुता जैसे पहलुओं को परखा गया। विभिन्न प्रयोगशालाओं में जांच के बाद विशेषज्ञों ने निर्माण की हरी झंडी दी। जिसके बाद निर्माण को ट्रस्ट की ओर से अंतिम स्वीकृति मिली।

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सिंहासन समेत सात फीट ऊंची होगी मूर्ति

मूर्तिकार सत्यनारायण पांडेय ने बताया कि सिंहासन समेत राम दरबार के मूर्ति की ऊंचाई कुल सात फुट हो जाएगी। सिंहासन करीब साढ़े तीन फुट ऊंचा है, जबकि सीताराम का विग्रह साढ़े चार फुट ऊंचा है। मूर्ति सिंहासन पर स्थापित करने के बाद ऊंचाई एक से ड़ेढ फुट कम हो गई है। ऐसे में कुल ऊंचाई करीब सात फुट तक होगी। वहीं हनुमान व भरत की मूर्ति बैठी मुद्रा में है, जिसकी ऊंचाई ढाई फुट है। लक्ष्मण व शत्रुघ्न की मूर्ति खड़ी मुद्रा में है, इसकी ऊंचाई तीन-तीन फुट है।
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प्राण प्रतिष्ठा समारोह के साक्षी बनेंगे सीएम योगी

राम मंदिर में सीएम योगी। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम अयोध्या के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में अंकित होने जा रहा है। मुख्यमंत्री बृहस्पतिवार को राम मंदिर के प्रथम तल पर राम दरबार समेत अन्य विग्रहों के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के साक्षी बनेंगे। वे समारोह के मुख्य यजमान रहेंगे। सीएम राम दरबार की मूर्ति से आवरण हटाएंगे और नेत्रोमिलन की भी प्रक्रिया पूरी करेंगे। संयोग यह है कि पांच जून को सीएम योगी आदित्यनाथ का 53 वां जन्मदिन है। वह इस बार अपना जन्मदिन अयोध्या में मनाएंगे।

सीएम योगी आदित्यनाथ बृहस्पतिवार को अयोध्या पहुंचेंगे। वे राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होंगे। हनुमान गढ़ी में दर्शन-पूजन करेंगे। मणिराम दास की छावनी जाकर महंत नृत्यगोपाल दास के जन्मोत्सव समारोह में शामिल होंगे। इसके अलावा सरयू महोत्सव का भी उद्घाटन सीएम योगी आदित्यनाथ करेंगे। नगर निगम के उपलब्धि समारोह में भी सीएम योगी के जाने की संभावना है। मंदिर परिसर में समारोह की तैयारियां तेजी से चल रही है। एक छोटा पंडाल भी सजाया जा रहा है। एसपी सुरक्षा बलरामाचारी दुबे व मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव ने मंदिर की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। एसपी सुरक्षा ने बताया कि मंदिर की सुरक्षा अभेद्य है। एटीएस, सीआपीएफ, पीएसी समेत सिविल पुलिस के जवानों की टीम तैनात कर दी गई है। प्रशासन के स्तर से मजिस्ट्रेटों की भी ड्यूटी लगाई गई है।

महंत मिथिलेश नंदिनी शरण ने कहा कि मुख्यमंत्री राजा राम समेत अन्य देवों को प्रतिष्ठित करने आ रहे हैं। खुशी की बात है कि एक संन्यासी ने प्रदेश के आध्यात्मिक मूल्यों को समझा और ऊर्जावान बना दिया। आज आजीविका के लिए अयोध्या के लोगों को बाहर जाना नहीं पड़ता। यहीं लोग व्यवसाय कर रहे हैं। आज गूगल पर अयोध्या सर्च कीजिए तो सबसे पहले दीपोत्सव की छवि बनकर आती है।

सरयू महोत्सव के आयोजक आंजनेय सेवा संस्थान के अध्यक्ष शशिकांत दास ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गौरव लौटा दिया है। उन्होंने ही प्रभु को टाट से निकाल भव्य मंदिर में विराजमान कराया है। पांच जून को एक बार फिर वह राजा राम को प्रतिष्ठित करेंगे। त्रेतायुग में वशिष्ठ जी ने राजतिलक किया था और अब योगी महाराज प्रभु राम का तिलक करेंगे।
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