भारत में जिस तरह से उपद्रव चल रहा है यह देश के लिए ठीक नही है। परमहंसाचार्य ने बीकापुर में पत्रकारों से बात करते हुए उक्त बात कही। उन्होंने कहा कि कानून को हाथ में लेने वाला एक व्यक्ति हो या एक करोड़ हो ऐसे लोगों के खिलाफ सेना व पुलिस को गोली मारने की सीधी छूट होनी चाहिए।
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उन्होंने कहा कि राज्य व केंद्र सरकार से मेरा आग्रह है कि वह कानून को हाथ में लेने वालों के लिए एक अलग से कानून बनाए। नुपूर शर्मा के बयान के बाज जिस तरह से अराजकता फैली है, पत्थरबाजी हो रही है वह पूरी तरह गलत है। कोई गलती कर रहा है तो संविधान के दायरे में कोई भी कार्रवाई करा सकता है,पुलिस व अधिकारियों को पत्थर मारा जा रहा और आग लगाई जा रही है। यह कहां का न्याय है। कहा कि हम संविधान के दायरे में रहकर कोई भी आवाज उठाते हैं, हम दंगे की राजनीति नहीं करते।