बैठक में प्रवक्ता पद को लेकर चर्चा फिलहाल टाल दी गई है। इसके अलावा वित्तीय अनियमितताओं को लेकर विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच की प्रगति पर भी चर्चा हुई। ट्रस्ट ने उच्चतम न्यायालय में दाखिल याचिका के संबंध में न्यायालय के उस आदेश का संज्ञान लिया, जिसमें जांच का दायरा कालखंड और विषय दोनों स्तरों पर विस्तृत किया गया है। ट्रस्ट ने कहा कि वह इस आदेश का स्वागत करता है, ताकि सत्य सामने आ सके और जनमानस में फैले भ्रम का निवारण हो।
चढ़ावे की नगदी की गिनती में तकनीक का होगा इस्तेमाल
महामंत्री गोविंद देव गिरि के अनुसार नकद चढ़ावे की गणना की प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप कम करने के लिए तकनीकी व्यवस्था विकसित करने पर भी चर्चा हुई। ट्रस्ट के मुताबिक इस संबंध में दो बैंकों और आईआईटी से प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनका मूल्यांकन किया जा रहा है और जल्द ही तकनीक की सहायता से इस दिशा में आगे बढ़ने की तैयारी है।
वित्त वर्ष 2025-26 के वार्षिक लेखा-जोखा भी बैठक में प्रस्तुत किए गए और अनुमोदित किए गए। ट्रस्ट के अनुसार इस अवधि में कुल 237 करोड़ की आय हुई, जबकि 91 करोड़ का व्यय हुआ। इसके अतिरिक्त मंदिर एवं अन्य निर्माण कार्यों पर 425 करोड़ का पूंजीगत व्यय किया गया। 31 मार्च 2026 तक ट्रस्ट के पास कुल 1,882 करोड़ की उपलब्ध राशि थी। न्यासी मंडल ने वार्षिक लेखों को मंजूरी दे दी।
के. परासरन: सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता और ट्रस्ट के संस्थापक सदस्य।
महंत नृत्य गोपाल दास : अध्यक्ष, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट।
स्वामी गोविंद देव गिरी जी महाराज : महामंत्री/महासचिव।
कृष्ण मोहन : सदस्य।
जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती जी महाराज : सदस्य (प्रयागराज)
जगतगुरु मध्वाचार्य स्वामी विश्वप्रसन्न तीर्थ जी महाराज : सदस्य (पेजावर मठ, उडुपी)
युगपुरुष परमानंद जी महाराज : सदस्य (हरिद्वार)।
महंत दिनेंद्र दास : सदस्य (निर्मोही अखाड़ा के प्रतिनिधि)।
निर्मला यादव : नई महिला ट्रस्टी (शिकोहाबाद)।
मदन मोहन पांडेय : नए ट्रस्टी (अयोध्या के वरिष्ठ अधिवक्ता)।
महेश भागचंदका : कोषाध्यक्ष (दिल्ली)।