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अयोध्या में राम मंदिर के लिए आए पत्थर, सियासी पारा चढ़ा

Tue, 22 Dec 2015 12:38 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ/फैजाबाद
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राम मंदिर के लिए आठ साल बाद पत्थरों की आवक फिर शुरू होने और शिलापूजन ने सर्द मौसम में अयोध्या की सियासत गर्मा दी है। बाबरी मस्जिद के मुद्दई हाशिम अंसारी ने इसे माहौल खराब करने की साजिश बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप की मांग की है।
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वहीं, दूसरे मुद्दई हाजी महबूब ने चेतावनी दी है कि वे भी मस्जिद के लिए पत्थर मंगवाना शुरू कर सकते हैं। दूसरी ओर, श्री रामजन्म भूमि न्यास के कार्याध्यक्ष महंत नृत्यगोपालदास ने कहा है कि राम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण का समय आ गया है। इस वक्त का हम लंबे अरसे से इंतजार कर रहे थे। पत्थर आने की शुरुआत हो गई है, अभी बड़ी तादाद में और पत्थर आएगा।

इस बीच, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रमुख सचिव (गृह) को निर्देश दिए हैं कि अयोध्या में धार्मिक गतिविधियों की आड़ में किसी भी हालत में कानून व्यवस्था न बिगड़ने पाए।
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उन्होंने अयोध्या की हर गतिविधि पर नजर रखने को भी कहा है। विश्व हिन्दू परिषद् के प्रांतीय प्रवक्ता शरद शर्मा ने बताया कि दान मे पत्थर लेने के एलान के बाद पहली खेप में 30 टन पत्थर अयोध्या पहुंचा है। अभी 75 हजार घनफुट पत्थर और आएगा।
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मायावती बोलीं, ऐसा काम न हो जिससे माहौल बिगड़े

इस पर बसपा सुप्रीमो मायावती का कहना है ‘मंदिर का मामला जब सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है तो सपा सरकार को चाहिए कि वहां ऐसा कोई काम न होने दे, जिससे सांप्रदायिक तनाव बिगड़े।’

वहीं अयोध्या से सपा विधायक एवं वन राज्यमंत्री तेजनारायण पांडेय का कहना है कि सरकार किसी को अयोध्या का माहौल नहीं बिगाड़ने देगी। सरकार ने पहले भी सख्त कदम उठाए थे, अब भी पीछे नहीं हटेगी।

बाबरी मस्जिद एक्‍शन कमेटी के पक्षकार हाजी महबूब ने कहा कि हम भी एक बैठक बुलाकर बाबरी मस्जिद निर्माण के लिए कार्यशाला खोल सकते हैं। पत्थर तराशेंगे और जब फैसला हमारे पक्ष में आएगा तो शानदार मस्जिद बनाएंगे।

इस मौके पर आजम खां ने केंद्र पर हमला बोलते हुए कहा कि केंद्र सरकार की नाकामी को छुपाने के लिए राम मंदिर का मुद्दा उठाया जा रहा है। मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है। सभी को उसके फैसले का इंतजार करना चाहिए।
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