राम मंदिर के लिए आठ साल बाद पत्थरों की आवक फिर शुरू होने और शिलापूजन ने सर्द मौसम में अयोध्या की सियासत गर्मा दी है। बाबरी मस्जिद के मुद्दई हाशिम अंसारी ने इसे माहौल खराब करने की साजिश बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप की मांग की है।
वहीं, दूसरे मुद्दई हाजी महबूब ने चेतावनी दी है कि वे भी मस्जिद के लिए पत्थर मंगवाना शुरू कर सकते हैं। दूसरी ओर, श्री रामजन्म भूमि न्यास के कार्याध्यक्ष महंत नृत्यगोपालदास ने कहा है कि राम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण का समय आ गया है। इस वक्त का हम लंबे अरसे से इंतजार कर रहे थे। पत्थर आने की शुरुआत हो गई है, अभी बड़ी तादाद में और पत्थर आएगा।
इस बीच, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रमुख सचिव (गृह) को निर्देश दिए हैं कि अयोध्या में धार्मिक गतिविधियों की आड़ में किसी भी हालत में कानून व्यवस्था न बिगड़ने पाए।
उन्होंने अयोध्या की हर गतिविधि पर नजर रखने को भी कहा है। विश्व हिन्दू परिषद् के प्रांतीय प्रवक्ता शरद शर्मा ने बताया कि दान मे पत्थर लेने के एलान के बाद पहली खेप में 30 टन पत्थर अयोध्या पहुंचा है। अभी 75 हजार घनफुट पत्थर और आएगा।