आशीर्वाद सभा के लिए अयोध्या पहुंचे शिवसैनिक आज (शनिवार) रात ही अयोध्या से मुंबई के लिए रवाना होंगे। सुबह 7 बजे अयोध्या पहुंची ट्रेन आज रात में 11 बजे अयोध्या से नासिक के लिए होगी रवाना। जबकि शुक्रवार रात 10 बजे आई ट्रेन रविवार की सुबह 6 बजे नासिक के लिए रवाना होगी।
सुरक्षा को लेकर एडीजी लॉ एंड ऑर्डर ने दिया बयान
सुरक्षा को लेकर प्रदेश के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर आनंद कुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन ने अयोध्या में कार्यक्रमों के लिए पुख्ता सुरक्षा इंतजाम किये हैं। हमारा मकसद है कि सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार सम्पन्न हो जाएं। किसी भी हालात का सामना करने के लिए भारी पुलिस फोर्स तैनात किया गया है।
योग गुरू बाबा रामदेव ने कहा कि राम मंदिर को लेकर लोगों का धैर्य खत्म हो चुका है। सरकार को इस मुद्दे पर कानून लाए नहीं तो लोग खुद ही मंदिर निर्माण प्रारम्भ कर देंगे। जिससे कि सांप्रदायिक सौहार्द्र बिगड़ेगा। भगवान राम को लेकर कहीं कोई विरोध नहीं है। सभी हिंदू, मुसलमान और ईसाई सभी उनके वंशज हैं। इसके पहले दो स्पेशल ट्रेनों से शिवसैनिक अयोध्या पहुंचे। जहां, शनिवार सुबह उन्होंने हनुमानगढ़ी व रामलला के दर्शन किये। शिवसैनिक पहले मंदिर फिर सरकार, शिवसेना की यही पुकार का नारा लगा रहे थे।
अयोध्या में बढ़ रही रामभक्तों की भीड़ के लिए चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा तैनात है। प्रशासन सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरत रहा है। शिवसैनिकों की बढ़ती चहल-पहल को देखते हुए प्रशासने रामजन्मभूमि मार्ग पर प्रवेश रोकने के साथ ही हनुमान गढ़ी का रास्ता भी बंद कर दिया है।
इस दौरान अयोध्या को लेकर राजनीतिक बयानबाजियों का दौर भी चल रहा है। उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि अयोध्या में धारा 144 लगाई गई है, लेकिन फिर भी इतनी बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो रहे हैं। इसका मतलब है कि प्रशासन फेल हो गया है। राजभर ने कहा कि मैं सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से सहमत हूं कि अयोध्या में प्रशासन फेल हो चुका है इसलिए जरूरी है कि वहां सेना बुलाई जाए।
अयोध्या में आशीवार्द सभा के लिए बना मंच।
- फोटो : amar ujala
इसके पहले शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने अयोध्या कूच करने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मंदिर निर्माण के लिए अध्यादेश लाने और तारीख घोषित करने की मांग की है। उद्धव ने कहा है कि अब मन की बात बहुत हो चुकी जन की बात सुनी जानी चाहिए।
शिवसेना ने पार्टी के मुखपत्र में लिखे संपादकीय में मोदी सरकार से दो टूक सवाल किया है। शुक्रवार को भाजपा पर निशाना साधते हुए शिवसेना ने अपने मुखपत्र की संपादकीय में लिखा है कि सत्ता में बैठे लोगों को शिवसैनिकों पर गर्व होना चाहिए, जिन्होंने रामजन्मभूमि में बाबर राज को खत्म कर दिया।
शिवसेना ने कहा कि वह चुनाव के दौरान न तो भगवान राम के नाम पर वोटों की भीख मांगती है और न ही जुमलेबाजी करती है। साथ ही, संपादकीय में लिखा है, हमारे अयोध्या दौरे को लेकर खुद को हिंदुत्व समर्थक कहने वालों के पेट में दर्द क्यों हो रहा है? हम राजनीतिक मकसद से वहां नहीं जा रहे हैं।
भाजपा पर हमला बोलते हुए शिवसेना ने मुखपत्र में लिखा है कि अगर मंदिर निर्माण का मुद्दा आपके हाथ से निकल गया तो 2019 में आपकी रोजी-रोटी के अलावा कई लोगों की जुबान बंद हो जाएगी।
शिवसेना के कार्यक्रम व धर्मसभा के आयोजन को लेकर अयोध्या में हाईअलर्ट है। नगर में चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा तैनात है। एडीजी आशुतोष पांडे के नेतृत्व में अयोध्या के डीआईजी ओंकार सिंह समेत डीआईजी सुभाष सिंह बघेल ने कमान संभाल रखी है।
अयोध्या में तीन एसएसपी, 10 अपर पुलिस अधीक्षक, 21 उपपुलिस अधीक्षक, 160 इंस्पेक्टर, 700 कांस्टेबल, 42 कंपनी पीएसी, 5 कंपनी आरएफ समेत एटीएस कमांडोज की पूरी बटालियन ड्रोन कैमरे से लैस होकर निगरानी कर रही है।
सुरक्षा के लिए नगर को 11 जोन में बांटा गया है। हर जगह 500 से ज्यादा कांस्टेबल सादे कपड़ों में भ्रमणशील हैं। सीसीटीवी से निगरानी की जा रही है। जिले में धारा 144 लागू कर दी गई है।
इस्लामिक विद्वान मौलाना सलमान नदवी ने मुसलमानों से अपील की है कि देशहित में अयोध्या में मस्जिद का दावा छोड़ दें। मुसलमानों को मस्जिद स्थानांतरित करने की बात करते हुए इस शिकस्त में ही अपनी जीत देखनी चाहिए।
मौलाना ने शुक्रवार को जारी बयान में मुसलमानों से अपील की कि वे देश में अमन कायम करते हुए आपसी बातचीत से अयोध्या मुद्दे का हल निकालें।
उन्होंने कहा कि अब सुप्रीम कोर्ट का फैसला शरीयत के लिए अहम नहीं है, बल्कि एक औपचारिकता है। मौलाना ने दावा किया कि शरीयत के मुताबिक मस्जिद स्थानांतरित की जा सकती है।
तकरीबन छह महीने पहले ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से निष्कासित किए गए मौलाना नदवी ने पर्सनल लॉ बोर्ड के कामकाज पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि बोर्ड न तीन तलाक मसले में कामयाब हुआ और न ही बाबरी मस्जिद मामले में।
अयोध्या में धर्मसभा में अब जब कुछ ही घंटे बचे हैं तो संघ ने भी गतिविधियां बढ़ा दी हैं। सबकी निगाहें अयोध्या पर ही टिकी हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत के शुक्रवार दोपहर एक घंटे के संक्षिप्त प्रवास पर लखनऊ पहुंचने से धर्मसभा को लेकर चढ़ा पारा और गरमा गया।
हालांकि वे अमौसी हवाई अड्डे पर ही एक घंटा रुकने के बाद पतंजलि योगपीठ के कार्यक्रम में शामिल होने हरिद्वार रवाना हो गए, लेकिन सियासी गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। इस बीच, संघ ने धर्मसभा की कामयाबी और सारी सांगठनिक व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद रखने की कमान अपने हाथ में ले ली है। संघ के प्रमुख पदाधिकारियों का अयोध्या पहुंचना शुरू हो गया है। संघ के सहसरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले के भी शनिवार को अयोध्या पहुंचने की संभावना है।
अमौसी हवाई अड्डे पर संघ के क्षेत्र प्रचारक अनिल और अवध प्रांत के सहकार्यवाह प्रशांत भाटिया ने उनसे भेंट की। भाटिया ने कहा कि सरसंघचालक झारखंड और बिहार के एक सप्ताह के प्रवास के बाद हरिद्वार जा रहे थे। उन्हें यहां से दूसरा विमान पकड़ना था। इसलिए वे कुछ देर अमौसी हवाई अड्डे पर रुके थे। इस दौरान निजी बातचीत के अलावा कोई चर्चा नहीं हुई। लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि भागवत ने लखनऊ में एक घंटा रुकने के दौरान संघ के क्षेत्र प्रचारक से अयोध्या धर्मसभा को लेकर अब तक की तैयारियों की जानकारी ली और सभा की सफलता के बारे में हकीकत समझी। सूत्र बताते हैं कि इस दौरान उन्होंने कुछ लोगों से फोन पर भी बातचीत की।
क्षेत्र प्रचारक, प्रांत प्रचारक के अलावा अयोध्या और आसपास के जिलों के संघ पदाधिकारियों ने अयोध्या पहुंचकर धर्मसभा की तैयारियों की जानकारी लेने के साथ समीक्षा शुरू कर दी है। धर्मसभा को सफल बनाकर लोगों को हिंदुत्व की ताकत का संदेश देने में जुटे संघ ने आयोजन की सारी व्यवस्थाएं अपने हाथ में ले रखी हैं।
जिला प्रचारक, विभाग प्रचारक और प्रांत प्रचारक के साथ अन्य प्रमुख पदाधिकारियों के कंधों पर लोगों को अयोध्या पहुंचाकर धर्मसभा के माध्यम से श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण की हिंदुओं की आकांक्षा का संदेश देने की योजना बनाई है।
यह है रणनीति
सभा को सफल बनाने के लिए संघ ने सभी संगठनों की पूरी ताकत झोंक दी है। ये वरिष्ठ पदाधिकारी शनिवार से अयोध्या में धर्मसभा की सारी कमान अपने हाथ में ले लेंगे।
माना जाता है कि संघ के ये प्रमुख पदाधिकारी अयोध्या की सभा के वक्त वहां रहकर अपना पूरा नियंत्रण रखना चाहते हैं ताकि कुछ भी ऐसा न हो जिससे केंद्र या राज्य सरकार पर अंगुली उठे।
संघ परिवार की योजना के अनुसार, रामभक्त भी शनिवार से अयोध्या पहुंचना शुरू हो जाएंगे। विहिप के विभाग मंत्री देवेंद्र मिश्र ने बताया कि शनिवार शाम से रात तक लखनऊ और आसपास के क्षेत्र से करीब पांच हजार लोग अयोध्या के लिए रवाना हो जाएंगे।
भाजयुमो के राष्ट्रीय महामंत्री अभिजात मिश्र ने बताया कि रविवार सुबह उनके साथ पांच हजार लोग अपने निजी वाहनों से अयोध्या के लिए रवाना होंगे। इसके अलावा, भाजपा के सांसद, विधायक और अन्य पदाधिकारी भी लोगों को अयोध्या ले जाने की तैयारियों में लगे हैं।
बाबर के नाम पर कहीं भी मस्जिद स्वीकार नहीं : मिश्र
भाजयुमो के राष्ट्रीय महामंत्री अभिजात मिश्र ने शुक्रवार को कहा कि बाबर आतताई और हमलावर था। हिंदू समाज बाबर के नाम पर कहीं भी मस्जिद स्वीकार नहीं करेगा। जो लोग बाबर का गुणगान कर रहे हैं और बाबर के नाम को अपने सम्मान से जोड़ रहे हैं। उन्हें यह पता होना चाहिए कि जो लोग ढांचा टूटने से नहीं रोक पाए, वे मंदिर का निर्माण होने से भी नहीं रोक पाएंगे।