विजयादशमी पर रामनगरी में आस्था और उत्साह का माहौल रहा। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। मंगलवार को शाम पांच बजे तक करीब एक लाख श्रद्धालु रामलला के दर्शन कर चुके थे। पर्व के मद्देनजर मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था के साथ श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित रखने पर विशेष ध्यान दिया गया।
विजयादशमी के अवसर पर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की यज्ञशाला में कन्या पूजन का आयोजन भी किया गया। इस दौरान 18 कन्याओं के पांव पखारकर विधि-विधान से पूजन किया गया और उन्हें चुनरी ओढ़ाई गई। ट्रस्ट के ट्रस्टी कृष्ण मोहन, महंत दिनेंद्र दास, आचार्य इंद्रदेव, केशव महाराज और निर्माण अभियंता जगदीश शंकर आफले सहित अन्य लोगों ने कन्याओं का पूजन किया। भवानी सिंह राठौर ने सभी कन्याओं को दक्षिणा देकर विदा किया।
प्रशासन रहा सतर्क
उधर, दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर भी प्रशासन सतर्क रहा। विसर्जन शोभायात्राओं के मार्गों पर सुरक्षा के इंतजाम किए गए। संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी गई। विसर्जन के दौरान एहतियातन कुछ मस्जिदों को कपड़े से ढकने की व्यवस्था भी की गई, ताकि शोभायात्रा के दौरान किसी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। पुलिस बल की तैनाती के साथ प्रशासन ने पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने पर जोर दिया।
रामनगरी में एक ओर रामलला के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की आवाजाही जारी रही, वहीं दूसरी ओर दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन और धार्मिक आयोजनों को लेकर शहर में चहल-पहल रही। सुरक्षा व्यवस्था के बीच विभिन्न कार्यक्रम संपन्न कराए गए।
रामपथ पर गणवेशधारी स्वयंसेवकों ने किया पथ संचलन
विजयादशमी के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से रामपथ पर पथ संचलन निकाला गया। गणवेशधारी स्वयंसेवकों का संचलन तुलसी उद्यान से शुरू होकर हनुमानगढ़ी तक पहुंचा। इसमें करीब 300 स्वयंसेवक शामिल हुए। सीताकांत सदन के महंत रामानुज शरण और श्रीराम आश्रम के महंत जयरामदास सहित अन्य लोग मौजूद रहे। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संचलन संपन्न हुआ।