डॉ. आजमी ने कहा कि ओवैसी मस्जिद के लिए सरकार से मिलने वाली जमीन को खैरात बताकर न लेने की बात कहकर सर्वोच्च न्यायालय की अवमानना कर रहे हैं। मुल्क के मुसलमान ओवैसी के गुलाम नहीं है। वैसे भी यह मामला उत्तर प्रदेश के आम मुसलमानों से जुड़ा है, जिन्होंने फैसले को खुले दिल से स्वीकार किया है। बयान पर मौलाना तौकीर नदवी, सैयद हसन कौसर और अंसार अहमद के भी हस्ताक्षर हैं।