साकेत महाविद्यालय के प्रोफेसर डॉक्टर सुधीर राय के अनुसार श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या का सीधा असर अयोध्या की स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ा है। होटल, धर्मशाला, परिवहन, हस्तशिल्प, गाइड सेवा और स्थानीय व्यापार को नया जीवन मिला है। अयोध्या अब केवल तीर्थ नहीं, बल्कि एक बड़े धार्मिक-पर्यटन हब के रूप में उभर चुकी है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सड़क, रेलवे, एयरपोर्ट, घाटों का सुदंरीकरण, पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। स्मार्ट सिटी परियोजनाओं और डिजिटल सुविधाओं ने अयोध्या को परंपरा और आधुनिकता का संगम बना दिया है।