राम मंदिर की व्यवस्था में बदलाव।
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राम मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए जल्द ही डिप्टी चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (डिप्टी सीईओ) की तैनाती हो सकती है। इस पद के लिए मंदिर के चार्टर्ड अकाउंटेंट चंदन राय का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, उनके नाम पर ट्रस्ट की सहमति बनने और सीईओ की हरी झंडी मिलने की चर्चा है। हालांकि, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
राम मंदिर परिसर में निर्माण कार्यों के साथ सुरक्षा, श्रद्धालुओं की सुविधाओं, रखरखाव और अन्य व्यवस्थाओं का दायरा लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में डिप्टी सीईओ की तैनाती से प्रशासनिक कामकाज के बंटवारे, निगरानी और विभिन्न व्यवस्थाओं के संचालन को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिल सकती है। सीईओ की नियुक्ति के बाद से ही डिप्टी सीईओ के चयन को लेकर मंथन चल रहा था।
दो सितंबर को हुई ट्रस्ट की बैठक में सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र को सीईओ चुना गया था। इसके लिए पहले 16 लोगों का साक्षात्कार लिया गया था। इनमें से तीन नामों पर सहमति बनी थी। ट्रस्ट की बैठक में विचार-विमर्श के बाद जितेंद्र मिश्र के नाम पर मुहर लगी। अब चयन प्रक्रिया के अंतिम चरण तक पहुंचे दो अन्य अभ्यर्थियों के नाम भी डिप्टी सीईओ पद के संभावित दावेदारों के रूप में चर्चा में हैं।
निर्माण और वित्तीय प्रबंधन में अहम होगी भूमिका
डिप्टी सीईओ का पद राम मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस पद से निर्माण कार्यों की निगरानी, विभिन्न एजेंसियों के साथ समन्वय, परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा और निर्धारित समयसीमा में काम पूरा कराने जैसे दायित्व जुड़े हो सकते हैं। इसके अलावा बजट, भुगतान, बिलों की जांच, वित्तीय अभिलेखों के रखरखाव और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की निगरानी में भी उनकी भूमिका अहम हो सकती है। हालांकि, जिम्मेदारियों का अंतिम स्वरूप ट्रस्ट की ओर से तय अधिकारों और कार्य-विभाजन पर निर्भर करेगा।