श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की सोमवार को होने वाली महत्वपूर्ण बैठक से एक दिन पहले अयोध्या में पूरे दिन हलचल बनी रही। मठ-मंदिरों, संतों के आश्रमों, ट्रस्ट से जुड़े लोगों और रामभक्तों के बीच बैठक को लेकर चर्चाओं का दौर चलता रहा। राम मंदिर दान प्रकरण और एसआईटी जांच के बीच होने जा रही इस बैठक पर सभी की निगाहें टिकी हैं। बैठक से ठीक एक दिन पहले ट्रस्ट के ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास अचानक अयोध्या से बाहर चले गए।
महंत दिनेंद्र दास ने बताया कि वे बैठक का हिस्सा बनेंगे, जरूरत पड़ी तो ऑनलाइन बैठक से जुड़ेंगे। वहीं बैठक में भाग लेने के लिए ट्रस्टी युगपुरुष परमानंद और जगद्गुरु वासुदेवानंद सरस्वती अयोध्या पहुंच चुके हैं। ट्रस्ट के सदस्य डॉ. कृष्ण मोहन पहले से ही अयोध्या में मौजूद हैं। वहीं राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के समर्थन में लामबंदी भी तेज हो गई है। रविवार को राम कचहरी मंदिर में संत समाज ने प्रेस वार्ता कर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के समर्थन में खुलकर आवाज उठाई। संतों ने कहा कि एसआईटी की जांच पूरी होने से पहले किसी भी व्यक्ति को दोषी ठहराना न्यायोचित नहीं है।
संत समाज के बाद अयोध्या व्यापार मंडल भी चंपत राय के समर्थन में सामने आ गया। व्यापारियों ने अपील की कि एसआईटी की जांच रिपोर्ट आने तक किसी पर आरोप लगाने से बचना चाहिए और राम मंदिर की प्रतिष्ठा को प्रभावित करने वाली बयानबाजी नहीं होनी चाहिए। उधर, ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेव गिरि ने भी अपने सार्वजनिक संदेश में एसआईटी और न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा जताते हुए कहा कि दोषी चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, उसे बख्शा नहीं जाना चाहिए।