रामनगरी में जमीन की खरीदफरोख्त में एक और अनियमितता सामने आई है। आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर के ट्रस्ट को महज पांच बिस्वा जमीन 21 बीघा दिखाकर बेच दी गई थी। जमीन पर निर्माण भी शुरू हो गया था। वहीं, शनिवार को सहायक भूलेख अधिकारी ने जमीन का नामांतरण रद्द करने का आदेश जारी कर दिया।
अयोध्याधाम से सटे माझा जमथरा में इस जमीन की रजिस्ट्री 07 फरवरी, 2022 को हुई थी। अब्दुल कलाम निवासी घोसियाना पहाड़गंज से यह जमीन व्यक्ति विकास केंद्र इंडिया ट्रस्ट के चेयरमैन प्रसन्ना मंजूनाथ प्रभु ने खरीदी थी। ट्रस्ट के संस्थापक श्रीश्री रविशंकर हैं। जब चेयरमैन प्रसन्ना ने खतौनी 1388 से 1391 फसली के खेवट खाता संख्या 79 गाटा संख्या में 5.312 हेक्टेयर को अपने नाम दर्ज किए जाने का वाद सहायक अभिलेख अधिकारी (एआरओ) अयोध्या के न्यायालय में दायर किया तो यह गोलमाल सामने आया।
एआरओ ने मूल बंदोबस्त व 1359 फसली खसरा से इस नंबर का मिलान करवाया तो पता चला कि यह जमीन कुल 0.16 हेक्टेयर (करीब पांच बिस्वा) ही है। जमीन भी डूब क्षेत्र में दर्ज है, जहां निर्माण आदि प्रतिबंधित है। पूर्व के एक वाद के कारण यहां पर जमीन खरीदना भी प्रतिबंधित है। एआरओ रामकुमार शुक्ल ने बताया कि नामांतरण रद्द करने का आदेश हो गया है। अब प्रशासन बाउंड्रीवाल ध्वस्त करवाकर जमीन का कब्जा लेने की तैयारी में है।