आवास विकास परिषद बोर्ड के अध्यक्ष प्रमुख सचिव आवास नितिन रमेश गोकर्ण का कहना है कि यदि फ्लैट इसी तरह नहीं बिकें तो वह जर्जर हो जाएंगे। उनकी मरम्मत करानी पड़ेगी। वैसे भी बने मकान- फ्लैट कीमत साल दर साल घटने लगती है। ऐसे में यह जरूरी है कि जो फ्लैट बनकर खड़े हैं उनको कीमत कम करके बेचा जाए। उसको लेकर गम्भीरता से काम हो रहा है। एक टीम इसको लेकर बनाई गई जो जल्द ही रिपोर्ट देगी। उसके बाद उस अमल किया जाएगा।
खाली पड़े फ्लैटों को बेचने के लिए आवास विकास परिषद प्राइवेट डीलर रखने और एक पोर्टल भी लांच करने की तैयारी में है। ताकि फ्लैटों को बेचा जा सके। आवास आयुक्त अजय चौहान का कहना है कि मार्केटिंग को अच्छा बनाने के लिए प्राइवेट डीलरों को भी जोड़ने की बात हो रही है। उनको प्रति बुकिंग पैसा भी दिया जाएगा। इसको लेकर प्रस्ताव चल रहा। इसी तरह एक पोर्र्टल बनाने पर बात हो रही जिस पर जाकर लोग सीधे अपनी पसंद के फ्लैट को बुक कर सकें। उनको किसी बाबू केपास जाने की जरूरत न पड़े।
आवास आयुक्त अजय चौहान ने बताया कि कीमत कम करने को लेकर यह देखा जाएगा कि जमीन की कीमत कितनी जोड़ी गई, निर्माण लागत किस तरह लगाई गई है। यदि वह अधिक होंगी तो उनको कम किया जाएगा। दो पार्किंग की जगह एक पार्किंग का पैसा लिया जाएगा। उससे भी कीमत में कमी आएगी। विकास कार्र्यों जो खर्च किया जा रहा है उसमें किस तरह कमी की जा सकती है यह भी देखा जाएगा।