ल्यूपस दिवस पर निकाला गया जागरूकता वॉकाथॉन।
लखनऊ। केजीएमयू के क्लीनिकल इम्यूनोलॉजी एवं रूमेटोलॉजी विभाग ने विश्व ल्यूपस दिवस पर रविवार को ल्यूपस जागरूकता वॉकाथॉन का आयोजन किया। विभाग से रूमी दरवाज़ा तक निकाली गई इस वॉकाथॉन का उद्देश्य आम जनता में ल्यूपस रोग के प्रति जागरूकता फैलाना था। इस अवसर पर विभागाध्यक्ष पुनीत कुमार और मुकेश कुमार मौर्या ने ल्यूपस केयर हैंडबुक का भी लोकार्पण किया गया।
ल्यूपस एक गंभीर ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें प्रतिरक्षा प्रणाली अपने ही अंगों पर हमला करती है। मुकेश कुमार मौर्या ने ल्यूपस के लक्षणों और समय पर उपचार के महत्व पर प्रकाश डाला। विशेषज्ञों ने बताया कि आधुनिक दवाओं और नियमित फॉलो-अप से मरीज सामान्य जीवन जी सकते हैं। विभाग ने सरकार से ल्यूपस मरीजों के लिए सनस्क्रीन लोशन पर जीएसटी कम करने की मांग किया। राष्ट्रीय स्तर पर जागरूकता बढ़ाने के लिए राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र भी लिखे गए हैं।
ल्यूपस: लक्षण और प्रभाव
ल्यूपस (सिस्टमिक ल्यूपस एरिथेमेटोसस – एसएलई) के लक्षणों में बुखार, थकान, जोड़ों में दर्द, चेहरे पर तितली जैसे चकत्ते और बाल झड़ना प्रमुख हैं। यह रोग पुरुषों की तुलना में महिलाओं में नौ गुना अधिक पाया जाता है, विशेषकर 15 से 45 वर्ष की आयु में।
ल्यूपस दिवस पर निकाला गया जागरूकता वॉकाथॉन।
ल्यूपस दिवस पर निकाला गया जागरूकता वॉकाथॉन।
ल्यूपस दिवस पर निकाला गया जागरूकता वॉकाथॉन।