संगीत नाटक अकादमी में आयोजित अवध महोत्सव में सांस्कृतिक प्रस्तुति देतीं कलाकार।
लखनऊ। वाजिद अली शाह अवध महोत्सव का शुक्रवार को संगीत नाटक अकादमी में शानदार आगाज हुआ। महोत्सव की शुरुआत में विंटेज कारों ने शहर की सड़कों पर रैली निकालकर जलवा बिखेरा तो शाम को कथक संग भजन सम्राट अनूप जलोटा के भजनों से महोत्सव की रौनक परवान चढ़ी। संस्कृति एवं पर्यटन विभाग व संगीत नाटक अकादमी के सहयोग आयोजित तीन दिवसीय महोत्सव के मुख्य अतिथि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी रहे। लेखक यतीन्द्र मिश्र ने लखनऊ से जुड़े किस्से सुनाए। महोत्सव में अवध के लोक संगीत से लेकर व्यंजन व चित्रकारी तक देखने को मिली। अंबेडकर स्मारक से एसएनए परिसर तक विंटेज कार रैली निकाली गई, जिसमें पुरानी गाड़ियां इठलाते-इतराते हुए पहुंची। इसी क्रम में भजन सम्राट अनूप जलोटा ने भजनों की प्रस्तुतियां दीं। उन्होंने ‘ऐसी लागी लगन...’, ‘अच्युतम् केशवम...’, ‘रंग दे चुनरिया...’, ‘श्याम तेरी वंशी...’, ‘जग में सुंदर हैं दो नाम...’ सुनाकर दर्शकों का दिल जीत लिया। कथक गुरु पंडित बिरजू महाराज के लिए एसएनए में परिसर में खासे कलाकार पहुंचे थे, पर जब उन्हें बिरजू महाराज के नहीं आने की सूचना मिली तो वे मायूस हो गए। उनकी शिष्या शाश्वती सेन व पुत्र दीपक महाराज ने एकल प्रस्तुति के तहत पारंपरिक नृत्य पेश किया। इससे पूर्व साहबे आलम की शहनाई की मंगलध्वनि से उत्सव का आगाज हुआ।
घंटे भर इंतजार, पांच मिनट भी नहीं मिले
पद्मश्री योगेश प्रवीण को लखनऊ की नजाकत-नफासत पर बोलने के लिए आमंत्रित किया गया था। उन्हें घंटे भर तक इंतजार करवाया गया, लेकिन जब उन्हें मंच मिला तो महज पांच मिनट में ही उनका सत्र खत्म कर दिया गया। इसे लेकर वह काफी असहज दिखे। उन्होंने बेगम अख्तर के किस्से, लखनऊ की चिकनकारी और संस्कृति पर विचार व्यक्त किए। इतना ही नहीं उन्होंने रूमी गेट की रेप्लिका को अप्रत्यक्ष रूप से खराब नकल भी बताया।
महोत्सव में आज
भातखंडे विश्वविद्यालय के वाद्यवृंद की प्रस्तुति
डॉ. शिवानी शुक्ल का भजन गायन
केवल कुमार, पद्मा गिडवानी व टीम द्वारा संस्कार गीतों की प्रस्तुतियां
शीलू राजपूत टीम का आल्हा गायन
अग्निहोत्री बंधु का भजन गायन
अनुज मिश्र एवं दल का कथक नृत्य
टीना परवीन एवं साथी की जवाबी कव्वाली
अवध महोत्सव के तहत निकली गई विंटेज कार रैली।