-आरटीओ पहुंची शिकायत, पंजीयन निरस्त करने के लिए लिखा पत्र
-परिवहन आयुक्त से मिले कर्मचारी, मंगलवार को मंत्री से करेंगे बातचीत
लखनऊ। परिवहनकर्मी ऑटो अप्रवूल व्यवस्था का विरोध कर रहे हैं। ऐसा करने की ठोस वजहें हैं। सोमवार को ट्रांसपोर्टनगर आरटीओ में एक मामला सामने आया, जिसमें डीलरों ने तीन वाहनों को टैक्स जमा कराए बगैर ही पंजीकरण कर दिया। प्रकरण आने पर पंजीयन निरस्त करने की कार्रवाई के लिए अपर परिवहन आयुक्त, आईटी को पत्र लिखा गया है। ऑटो अप्रूवल व्यवस्था होने पर ऐसी गड़बड़ी पकड़ में ही नहीं आती और विभाग को राजस्व हानि हो जाती।
शासन की ओर से आवेदकों की सुविधा के लिए ऑटो अप्रूवल व्यवस्था लागू की जा रही है। इसके तहत आवेदकों को वाहन ट्रांसफर, पंजीकरण आदि के लिए अब आरटीओ कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं। ऑनलाइन आवेदन कर स्वत: अप्रवूल किया जा सकता है। इससे आरटीओ अधिकारियों व बाबुओं की भूमिका खत्म हो जाएगी। जिसका विरोध किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि वाहन फोर पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन का अवलोकन करने पर पाया गया कि मोटर कैब सेल्स प्राइवेट लिमिटेड ने मैक्सी कैब, स्वीफ्ट ट्रक एलएलपी ने ट्रक व नारायण आटो मोबाइल्स ने एक ई ऑटो का पंजीकरण कर दिया। चूंकि पंजीकरण की व्यवस्था डीलर्स प्वाॅइंट पर है। इसलिए ऑनलाइन ही डीलरों ने ऐसा कर दिया। जबकि वाहनों का टैक्स जमा नहीं कराया गया था। बगैर टैक्स जमा करवाए पंजीयन के लिए एप्लीकेशन जनरेट करवा दी गई थी। इसे लेकर अपर परिवहन आयुक्त, आईटी को पत्र लिखकर पंजीयन निरस्त करने की मांग की गई है। अधिकारियों व कर्मचारियों ने कहाकि ऑटो अप्रूवल व्यवस्था लागू होने पर ऐसी ही गड़बड़ियां रोजाना होंगी, जिससे विभाग को राजस्व का नुकसान उठाना पड़ेगा। साथ ही फ्राॅड के मामले भी बढ़ेंगे।
परिवहन आयुक्त से मिले बाबू, कल मंत्री से मिलेंगे
ऑटो अप्रवूल व्यवस्था से नाराज कर्मचारियों ने सोमवार को उत्तर प्रदेश संभागीय परिवहन कर्मचारी संघ के बैनर तले परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन से मुलाकात की। उन्हें नई व्यवस्था की खामियों से रूबरू कराया। प्रांतीय अध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने बताया कि मोटर व्हीकल एक्ट की अनदेखी कर नई व्यवस्थाएं नहीं लागू की जा सकती हैं। राजस्व सुरक्षा, उत्तरदायित्व, प्राकृतिक न्याय व अपीलीय अधिकारों को सुरक्षित रखने पर भी विचार करना होगा। फेसलेस व्यवस्था सही है, लेकिन अप्रवूल व सत्यापन का अधिकार विभाग के पास ही होना चाहिए। मामले को लेकर मंगलवार को परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह से मुलाकात की जाएगी।
लर्नर डीएल की गड़बड़ियों से भी नहीं लिया सबक
वाहनों से जुड़ी 52 सेवाओं को ऑटो अप्रूवल व्यवस्था में लाया जा रहा है। इससे आवेदकों को आरटीओ नहीं जाना होगा। लेकिन इसे लागू करने से अधिकारियों को पहले लर्नर लाइसेंस व्यवस्था का विश्लेषण करना चाहिए था। लर्नर लाइसेंस पूरी तरह ऑनलाइन है। लेकिन इसमें दर्जनों खामियां हैं। आधार में पिता का नाम नहीं होने से डीएल बनने की दिक्कत, स्मार्ट लॅाक डाउनलोड, ओटीपी नहीं आना, मृतकों के डीएल बनाने जैसी समस्याएं आती रही हैं। ऑटो अप्रवूल में भी ऐसी ही तमाम दिक्कतें प्रतिदिन आएंगी, ऐसी आशंका परिवहनकर्मी जता रहे हैं।
52 सेवाओं के लिए ऑटो अप्रवूल मोड पर बनी बात
ऑटो अप्रवूल व्यवस्था में वाहनों के ट्रांसफर, पंजीकरण आदि 52 सेवाओं को शामिल किया गया है। अब आवेदकों को आरटीओ आने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इसे लेकर शासन की ओर से सोमवार को बैठक हुई, जिसमें इसे लागू करने पर सहमति हुई। साथ ही एनआईसी, काॅमन सर्विस सेंटर आदि को निर्देशित किया गया है, ताकि पोर्टल पर ऑनलाइन व्यवस्थाएं इसके मुताबिक कर ली जाए।
आधिकारिक वर्जन
ऑटो अप्रवूल मोड लागू करने पर सहमति बन गई है। इसे लेकर शासन की ओर से बुलाई गई बैठक में जिम्मेदारों को निर्देशित किया गया है। इससे आवेदकों को काफी राहत हो जाएगी। कुल 52 सेवाओं को ऑटो अप्रूवल में शामिल किया गया है। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी।
-दयाशंकर सिंह, परिवहन मंत्री