जिन रूटों पर सिटी बसों व मेट्रो का संचालन हो रहा है, उन पर ऑटो व ई-रिक्शा का संचालन सख्ती से प्रतिबंधित किया जाए। ऐसे ऑटो, ई-रिक्शा के लिए अलग रूटों का निर्धारण कर ही संचालित कराया जाए। यह निर्देश मंडलायुक्त मुकेश मेश्राम ने जारी किया। वह शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए जाने को लेकर एक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि बेहतर ट्रैफ़िक सिस्टम के लिए सभी संबंधित विभागों व आम जनमानस का सहयोग व समन्वय जरूरी है। निर्देश दिया कि प्रत्येक ऑटो, ई-रिक्शा पर निर्धारित किए गए रूटों के नंबर अंकित करने के साथ ही, अलग-अलग रूटों के रंगों को तय किया जाए। इससे उनकी पहचान करने में भी मदद मिलेगी।
स्कूली बसों की फिटनेस जांच नियमित हो। उन्होेंने वर्तमान समय की मांग के अनुसार पार्किंग स्थल बनाए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि यातायात व्यवस्था के लिए प्लानिंग व डिजाइनिंग का कार्य विशेषज्ञों से कराया जाए। विभाग आपस में समन्वय स्थापित करते हुए जनता का भी सहयोग लें।
उन्होंने कहा कि हर चौराहे से पचास मीटर की दूरी पर टैंपो- ई-रिक्शा के लिए स्टैंड बना कर फुटपाथ के पास पीली पट्टी अथवा पाइप लगाए जाएं। अपर नगर आयुक्त ने बताया कि स्टॉपेज के लिए स्थान चिन्हित करने के लिए समिति का गठन किया जा चुका है। समिति को अपनी आख्या एक सप्ताह में देगी। बैठक में अपर आयुक्त प्रशासन, सचिव लखनऊ विकास प्राधिकरण, अपर नगर आयुक्त आदि थे।