3 नवंबर को देवोत्थानी एकादशी पर देवताओं के जागने के बाद अब शुक्र 23 नवंबर को उदय होने जा रहे हैं।
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इसी के साथ करीब पांच महीनों से रुके विवाह जैसे शुभ कार्यों की शुरुआत हो जाएगी। देवोत्थानी एकादशी के बावजूद शुक्रास्त होने के चलते शुभ कार्य रुके हुये थे। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक बीते 3 नवंबर को लगभग चार महीने बाद देवता देवोत्थानी एकादशी पर देवता जागे।
लेकिन तब शुक्रास्त के चलते लग्नें नहीं मिल सकीं, क्योंकि 2 अक्तूबर से शुक्र अस्त चल रहे थे। शुक्र 23 नवंबर को उदय होंगे। उसके बाद 26 नवंबर से सहालगें मिलनी शुरू हो जाएंगी।
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आचार्य ने बताया कि इस बीच 16 दिसंबर के बाद धनु राशि पर सूर्य चले जाने के कारण खरमास शुरू होते ही विवाह एक बार फिर रुकेंगे। जनवरी 2015 में खरमास समाप्त होने के बाद 15 जनवरी से लग्नें फिर से मिलेंगी।