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नए साल में नगर निगम में बदल जाएगा सिस्टम, सुबह-शाम सेल्फी के साथ मोबाइल एप पर लगेगी हाजिरी

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नए साल में नगर निगम में बदल जाएगा सिस्टम, सुबह-शाम सेल्फी के साथ मोबाइल एप पर लगेगी हाजिरी
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प्रवेंद्र गुप्ता
नगर निगम में समय पर न आने वाले कर्मचारियों पर सख्ती को लेकर नए साल से नया सिस्टम लागू हो जाएगा। इसमें लोकेशन और सेल्फी के साथ कर्मचारी को लखनऊ 311 एप पर ऑनलाइन सुबह व शाम को उपस्थिति दर्ज करनी होगी।
इसके आधार पर वेतन बनेगा। इसे लेकर नगर आयुक्त ने आदेश भी जारी कर दिया है। गुजराती कंपनी का यह एप स्मार्ट सिटी कंपनी में पहले से लागू है।
मालूम हो कि बीती 16 दिसंबर को जब अमर उजाला की टीम ने निगम मुख्यालय का निरीक्षण किया था तो 90 प्रतिशत कर्मचारी साढ़े दस बजे तक गैरहाजिर थे।
एप बनाने वाले कंपनी के प्रतिनिधि ने बताया कि निगम कर्मचारियों का डेटा उनके जोन और विभाग के आधार पर जीपीएस लोकेशन के साथ फीड कर दिया गया है।
ऐसे में जब कर्मचारी अपने जोन और विभाग में जाएंगे तो वह एप के जरिए हाजिरी सेल्फी के साथ दर्ज कर सकेंगे। ऐसा न करने वाला कर्मचारी गैरहाजिर माना जाएगा। सुबह ऑफिस आने के बाद और शाम को जाने से पहले हाजिरी लगानी होगी।
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इसलिए पड़ी एप की जरूरत... फेल है बायोमीट्रिक सिस्टम
नगर निगम में आखिर हाजिरी के लिए एप की जरूरत इसलिए पड़ी क्योंकि यहां बायोमीट्रिक सिस्टम लागू होने के कुछ दिन बाद ही फेल हो गया था। करीब चार साल पहले निगम में लाखों रुपये खर्च कर बायोमीट्रिक अटेेंडेंस सिस्टम लगाया गया था। मशीनें भी सिर्फ मुख्यालय में लगाई गईं थीं। जोनल कार्यालय, केंद्रीय कार्यशाला, मार्ग प्रकाश विभाग में यह नहीं लगाई गई थीं।
बिना काम वेतन लेने वालों पर कसेगा शिकंजा!
नगर निगम में काफी कर्मचारी ऐसे हैं जो सिर्फ वेतन लेते हैं लेकिन काम पर नहीं आते। गृहकर व सफाई में ऐसे कर्मचारियों की तादाद ज्यादा है। गृहकर के कई बाबू तो ऐसे हैं जो दिनभर अपने कारोबार में व्यस्त रहते हैं और निगम में सिर्फ हाजिरी लगाने आते हैं। नया सिस्टम लागू होने के बाद ऐसे लापरवाह कर्मचारियों की लेटलतीफी की आदत में सुधार होगा।
नए सिस्टम के चलाने पर बजट भी होगा खर्च
नगर निगम में अंदर खाने चर्चा है कि हाजिरी के इस नए सिस्टम पर हर साल एक करोड़ रुपये खर्च हो जाएंगे। इसे लेकर चर्चा है कि प्रति कर्मचारी 335 रुपये प्रति माह निगम को एप संचालन करने वाली कंपनी को देने होंगे। यह कितना सही है इसे लेकर कोई कुछ बोलने को तैयार नही है। एप कंपनी के प्रतिनिधि भी चुप है और निगम के अफसर भी। प्रभारी नगर आयुक्त अमित कुमार कहते हैं कि खर्च के बारे में उनको जानकारी नही है।
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अगले महीने से नई व्यवस्था की तैयारी
प्रभारी नगर आयुक्त अमित कुमार ने बताया कि अगले महीने से लखनऊ 311 एप से हाजिरी दर्ज करने की तैयारी है। इसे लेकर नगर आयुक्त की ओर से आदेश भी जारी कर दिया गया है। वेतन भी एप पर दर्ज होने वाली हाजिरी के आधार पर ही जारी किया जाएगा। एप डाउनलोड करने के लिए निर्देश पहले ही सभी कर्मचारियों को जारी किए जा चुके हैं।
एक नजर में जोनल कार्यालय
जोन कार्यालय
एक लालबाग
दो ऐशबाग
तीन कपूरथला
चार गोमती नगर
पांच आलमबाग
छह ठाकुरगंज
सात इंदिरानगर
आठ आशियाना
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