लखनऊ में मंगलवार को एलडीए में एक तरफ निलंबित बाबू मुक्तेशवरनाथ ओझा असलहे लिए घूमता रहा। दूसरी तरफ मुन्ना बजरंगी के गुर्गे वसूली करने पहुंचे और पैसा न देने पर बाबू को अगवा करने की कोशिश की।
नटवरलाल बाबू ने गोमतीनगर थाने में तीन नामजद व 25 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। बाबू का आरोप है कि मुन्ना बजरंगी के लोग उससे 15 लाख रुपये मांग रहे थे। वहीं बाबू के ऊपर आरोप लग रहा है कि बसंत कुंज योजना में एक भूखंड दिलाने के लिए एडवांस एक व्यक्ति से लिया था। दलाल के माध्यम से लिए इस पैसे को वापस करने के लिए कई दिन से निलंबित बाबू पर दबाव था।
घटना दोपहर करीब दो बजे की है। प्राधिकरण में नई बिल्डिंग में दूसरी मंजिल पर ओझा बाबू के पास कुछ लोग पहुंचे। वहां कुछ देर उनकी आपस में बात हुई। इसके बाद बाबू वहां से इन लोगों के साथ उठकर प्राधिकरण भवन के बाहर जाने के लिए निकल गया।
कुछ देर बाद ही बाबू के अपहरण के प्रयास की सूचना पर प्राधिकरण पुलिस दौड़ी। बाबू ने पुलिस को बताया कि उसे जबरन गाड़ी संख्या यूपी 16 एएल 1441 में बिठाने का प्रयास हुआ। यह लोग इस गाड़ी सहित चार गाड़ियों से आए थे। बाबू ने पुलिस से खुद की सुरक्षा की मांग की है।
एलडीए की सुरक्षा व्यवस्था पर ही सवाल
बातचीत करते कर्मचारी
- फोटो : amar ujala
जिन तीन नामजद लोगों का रिपोर्ट में जिक्र है वे घनश्याम मिश्रा, अम्बीश, घनश्याम मिश्रा के रिश्तेदार वाजपेयी के नाम शामिल किए गए हैं। बाबू का आरोप है कि उसको जबरदस्ती गाड़ी में बिठा रहे लोग खुद को मुन्ना बजरंगी का आदमी बता रहे थे।
घटना के बाद सचिव जयशंकर दुबे ने पूरे मामले पर रिपोर्ट व्यवस्थाधिकारी अशोक पाल सिंह से मांगी। सचिव को बता दिया गया कि घटना प्राधिकरण भवन के अंदर नहीं हुई। सभी लोग एलडीए से सामान्य रूप से बात करते हुए बाहर निकले थे।
बाबू को पत्नी रेनू सिंह के नाम पर प्रियदर्शनी योजना से गोमतीनगर योजना में फर्जी समायोजन के आरोप में तीन महीने पहले निलंबित किया था। इसके बाद से बाबू को सभी योजनाओं से हटा दिया गया था। इसके बावजूद घटना के समय बाबू सीट पर मौजूद था।
इस घटना ने पूरे एलडीए की सुरक्षा व्यवस्था पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। खुद सचिव का कहना है कि 50 सुरक्षा गार्ड जिनमें पूर्व सैनिक और निजी एजेंसी दोनों शामिल हैं। प्राधिकरण की सुरक्षा में लगे हैं। डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर्स भी लगाए गए हैं।
इसके बाद भी हथियार लेकर लोग अंदर कैसे पहुंच रहे हैं। उन्होंने पूरी सुरक्षा को ही रिव्यू करने के आदेश दिए हैं। खुद बाबू ने भी बताया कि लोग अपने साथ हथियार लेकर उसका अपहरण करने आए थे।
इस पूरी घटना के पीछे की असली वजह तो अब जांच में ही सामने आएगी। बाबू का आरोप है कि लोग उससे 15 लाख रुपये की वसूली करने आए थे। वहीं घटना के समय मौजूद लोगों का कहना है कि जो लोग आए वह बसंत कुंज योजना में भूखंड 1/392 की बिक्री को लेकर बात कर रहे थे।
इस भूखंड को हेराफेरी कर दलाल के जरिए एक व्यक्ति को देना था। ब्रोकर उस व्यक्ति का एडवांस लिया पैसा वापस करने केलिए दबाव बना रहा था। इसी पर विवाद खड़ा हो गया।
खुलेआम बाबू लिए घूम रहा था माउजर
एलडीए बाबू
- फोटो : amar ujala
घटना के बाद पुलिस जब बाबू से पूछताछ करने प्राधिकरण भवन पहुंची। इस बीच पुलिस के सामने ही बाबू ने अपनी माउजर निकालकर लहराना शुरू कर दिया।
इससे पुलिस ही सकते में आ गई। गोली चल जाने के डर से पुलिस ने ही निलंबित बाबू को उसकी माउजर वापस रखवाई। बाबू ने धमकी भी दी कि अगर उसको नुकसान पहुंचाने की कोशिश की तो वह अपनी सुरक्षा में गोली भी चला देगा।
छह महीने के अंतराल में यह दूसरी बड़ी घटना एलडीए में हुई है। इससे पहले खुद मुख्य अभियंता ओपी मिश्रा के कार्यालय में कांट्रेक्टर्स के दो गुट आपस में भिड़ गए थे। यह झगड़ा जनेश्वर मिश्र पार्क के एक बड़े टेंडर को लेकर हुआ।
गोमतीनगर थाना में दोनों पक्षों ने तहरीर भी दी। बाद में पूरे मामले को दबा दिया गया। मुख्य अभियंता से भी इस मामले में रिपोर्ट पूर्व सचिव ने मांगी लेकिन आगे कोई कार्यवाही नहीं हुई। इससे हौसले बुलंद हुए तो अब बाबू के अपहरण का प्रयास और हथियार लहराए जाने का मामला सामने आ गया।