मायावती शासनकाल के मुकाबले अखिलेश सरकार में पुलिस पर हमले की घटनाओं में इजाफा हुआ है। मायावती के पांच साल के शासन में जहां पुलिस पर हमले की कुल 547 घटनाएं हुईं वहीं अखिलेश के चार साल के कार्यकाल में ही 1044 घटनाएं हो चुकी हैं।
सरकार का कहना है कि बसपा सरकार में बहुत से आपराधिक मामले दर्ज नहीं किए जाते थे इसलिए संख्या कम है। अब हर घटना की रिपोर्ट दर्ज की जाती है।
विधानसभा में मंगलवार को भाजपा के डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल के एक सवाल के जवाब में संसदीय कार्य मंत्री आजम खां ने बताया कि पुलिस पर हमले की 2007-08 में 75, 2008-09 में 101, 2009-10 में 103, 2010-11 में 124, 2011-12 में 144, 2012-13 में 202, 2013-14 में 264, 2014-15 में 300 तथा 2015-16 में 278 घटनाएं हुईं।
इसके अलावा पुलिस कार्रवाई में 2012-13 में एक, 2013-14 में नौ, 2014-15 में पांच, 2015-16 में पांच मौतें हुईं। इस दौरान थानों में क्रमश: शून्य, नौ, तीन व एक मौतें हुईं। 2007-08 में 2011-12 के बीच पुलिस कार्रवाही के दौरान कुल 60 मौतें हुईं।