आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए काम करने वाले पुरानी दिल्ली निवासी मो. एजाज शाह खान उर्फ बबलू को गिरफ्तार किया है। पांच सितंबर को वह न्यू जलपाईगुड़ी से तस्करी का सोना लेकर दिल्ली जा रहा था तभी मुगलसराय में ट्रेन रुकवाकर उसे पकड़ लिया गया।
आईजी एटीएस असीम अरुण ने बताया कि पुरानी दिल्ली के कमला मार्केट के तीसरी मंजिल गली निवासी बबलू चार साल से आईएसआई के लिए काम कर रहा था।
उसके 24 फरवरी 2014 को झांसी में पकड़े गए आईएसआई एजेंट इंद्र पाल कुशवाहा से संबंध थे। वह इंद्र पाल का फाइनेंसर था। उसने कई बार उसके आईसीआईसीआई बैंक के अकाउंट में मोटी रकम जमा कराई थी। इंद्र पाल इस वक्त जमानत पर है।
बबलू अब भी उसके अकाउंट में आईएसआई की तरफ से भेजे गए रुपये जमा करा रहा था। एटीएस इंद्र पाल की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। उसके बैंक खातों की छानबीन से बबलू के बारे में सुराग मिला। इसके बाद एटीएस ने झांसी के सदर थाना में इंद्र पाल के खिलाफ दर्ज ऑफीशियल सीक्रेट एक्ट व देशद्रोह के मुकदमे की विवेचना कर रहे उपनिरीक्षक एमसी गौतम से संपर्क किया।
मिली चौंकाने वाली जानकारियां
डेमो पिक
झांसी पुलिस और एटीएस ने बबलू की निगहबानी शुरू की तो चौंकाने वाली जानकारियां मिलीं। उसके आईएसआई से जुड़ा होने और दुबई से नेपाल और नेपाल से चोरी छिपे सीमा पार करके सोने की तस्करी करने का पता चला।
एटीएस टीम को खबर मिली कि बबलू नेपाल से तस्करी का सोना लेकर न्यू जलपाईगुड़ी से ट्रेन से दिल्ली जा रहा है। मुगलसराय में एटीएस और झांसी पुलिस ने ट्रेन रुकवाकर उसे हिरासत में ले लिया।
पूछताछ के लिए उसे लखनऊ स्थित एटीएस मुख्यालय लाया गया। उसने आईएसआई के लिए काम करने की पुष्टि की। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। बबलू के पास से 650 ग्राम सोना, विदेशी मुद्रा, पासपोर्ट, वोटर आईडी और दो मोबाइल फोन मिले हैं।
मामा ने कराई थी आईएसआई अफसर से मुलाकात
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बबलू ने बताया कि पाकिस्तान में उसके कई रिश्तेदार रहते हैं जिनसे मिलने वह अक्सर वहां जाता है। करीब छह साल पहले वह पाकिस्तान गया तो मामा मो. अकलीम ने आईएसआई के लिए काम करने का ऑफर दिया।
कराची के म्यामार अपार्टमेंट गुलशन इकबाल निवासी अकलीम भी आईएसआई के लिए काम करता था। बबलू के सहमति जताने के बाद जनवरी 2012 में उसने आईएसआई अफसर से बबलू की मुलाकात कराई।
रियल एस्टेट कंपनी में सुपरवाइजर था
बबलू के परिवार में पिता मजहर खान के अलावा एक बहन है जिसकी शादी हो चुकी है। उसने पहाड़गंज स्थित सेंट एंथनी बॉयज़ सेकेंडरी स्कूल में दाखिला लिया।
हाईस्कूल में फेल होने के बाद पढ़ाई छोड़ दी और दिल्ली की एक रियल एस्टेट कंपनी में सुपरवाइजर की नौकरी करने लगा। इसी बीच वह पाकिस्तान आता-जाता रहा। पाक से ही उसे अपने एजेंट इंद्र पाल कुशवाहा के बैंक अकाउंट में रुपये जमा कराने के निर्देश दिए गए।