लखनऊ। एटीएम काटकर 39.58 लाख पार रुपये पार करने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड सुधीर मिश्रा उर्फ एटीएम बाबा को पुलिस ने मंगलवार को बिहार के छपरा से गिरफ्तार किया। बुधवार को उसे लेकर शहर पहुंची। प्रेसवार्ता के बाद पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेजा गया।
एटीएम बाबा का देशभर में नेटवर्क है। वह गुर्गों की मदद से मेवातियों को शामिल कर देश के अलग-अलग राज्यों में एटीएम काटकर रकम पार करने का गिरोह चला रहा था। करोड़ों का साम्राज्य बना रखा है। मामले में अब तक कुल छह आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
तीन अप्रैल की रात सुशांत गोल्फ सिटी इलाके में स्थित एसबीआई बैँक के एटीएम को काटकर रकम पार की गई थी। पुलिस ने 25 अप्रैल को वारदात का खुलासा कर चार आरोपियों नीरज मिश्रा, राज तिवारी, पंकज कुमार पांडेय व कुमार भास्कर ओझा को जेल भेजा था।
पिछले सप्ताह आरोपी इंजीनियर सर्वेश उर्फ विजय पांडेय पकड़ा गया था। पुलिस ने खुलासा किया था कि बिहार के छपरा निवासी सुधीर कुमार मिश्रा गिरोह का सरगना है। डीसीपी साउथ विनीत जायसवाल ने बताया कि सुधीर के ठिकानों पर दबिश दी जा रही थी। सर्विलांस की मदद से ट्रेस कर अब गिरफ्तार किया गया है। उसको कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी।
सुधीर ने रची थी साजिश, इंजीनियर की थी बड़ी भूमिका
पुलिस के मुताबिक, सरयू अपार्टमेंट में रहने वाला आरोपी सर्वेश पांडेय एटीएम में कैश लोड करने का काम करता था। उसको जानकारी रहती थी कि किस एटीएम में कितनी रकम है। सर्वेश सरगना सुधीर के भाई नीरज का करीबी था। सर्वेश ने नीरज से ही लखनऊ में वारदात को अंजाम देने की बात कही थी। तब नीरज ने सर्वेश को सुधीर से मिलवाया था। सुधीर ने पूरी साजिश रची और वारदात को अंजाम दिलवाया।
जेल में हुई थी मेवातियों से मुलाकात, फिर बनाया अंरराज्यीय गिरोह
एडीसीपी साउथ शशांक सिंह के मुताबिक, सुधीर मिश्रा बिहार पुलिस में सिपाही रहा है। कुछ ही दिन सर्विस में रहने के बाद उसको बर्खास्त किया गया था। वह पहले एटीएम में तकनीकी खराबी कर रकम पार करता था। उस पर 11 केस दर्ज हैं। वह जेल भी कई बार गया है। जेल में ही उसकी मुलाकात मेवातियों से हुई थी। मेवाती एटीएम काटने में माहिर हैं। वह चंद मिनट में एटीएम खाली कर देते हैं। ऐसे में सुधीर ने मेवातियों को गैंग में जोड़ा। वह खुद बिहार में रहता था, लेकिन अपने गुर्गों को मेवातियों के साथ मिलकर दूसरे राज्यों में वारदात अंजाम दिलवाता था। तब से वह अपराध जगत में एटीएम बाबा के नाम से मशहूर हो गया।
रकम बरामद नहीं कर सकी पुलिस
जब पुलिस ने वारदात का खुलासा कर चार आरोपी पकड़े थे तो उनके पास से नौ लाख रुपये बरामद किए थे। फिर आरोपी सर्वेश के पास से दो लाख रुपये बरामद किए थे। सुधीर के पास से कोई रकम बरामद नहीं कर सकी। जबकि अभी तक एक तिहाई से भी कम रकम मिली है। डीसीपी ने बताया कि फरार अन्य सात आरोपियों की तलाश जारी है। उनसे बरामदगी की उम्मीद है।