लखनऊ। दूसरी शादी रचाने से पहले दूल्हेराजा राजेश रावत सरकारी मेहमान बन गए। मामला निगोहां के सिसेंडी इलाके का है। ऐन वक्त पर पहली पत्नी के दखल और 181 वन स्टाप सेंटर की सक्रियता से बुधवार को शादी रोक दी गई।
काउंसिलिंग के दौरान दोनों पक्ष तलाक पर सहमत हुए। साथ ही 14 साल की बेटी का सारा खर्च पिता उठाएगा। अपनी लाडली से मिलने के लिए तरस रही मां को उसकी बेटी सौंप दी गई।
वन स्टाप सेंटर प्रभारी अर्चना सिंह ने बताया कि दोपहर में 35 वर्षीय एक महिला ने संपर्क किया।
बताया कि 2005 में उसका विवाह हुआ था। चार-पांच वर्षों से पति से अलग रह रही है। बुधवार सुबह पता चला कि पति की दूसरी शादी हो रही है। वन स्टाॅप सेंटर की पूजा बाजपेई, चेतना सिंह व रंजना का कहना है कि जब टीम पहुंची तो युवक के घरवालों ने घेर लिया।
काफी देर कहासुनी के बाद उसे सामने लाया गया। रेस्क्यू टीम दूल्हे राजा को लेकर सेंटर पहुंची, पीछे-पीछे बराती भी आ गए। शाम तक चले नाटकीय घटनाक्रम के बाद तय हुआ कि दोनों पक्ष पहले तलाक लेंगे। इसके बाद दूसरा विवाह करेंगे।
मां को सौंप दी गई बेटी, पढ़ाई-विवाह का खर्च उठाएगा पिता
मां का आरोप था कि बेटी को उससे मिलने नहीं दिया जाता है। वन स्टाॅप सेंटर पर बेटी भी मौजूद थी। पूछने पर उसने मां के साथ रहने का फैसला किया। उसकी पढ़ाई व विवाह तक का खर्च पिता ही उठाएगा।