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अतीक अहमद का गुर्गा भी बड़ा खिलाड़ी: छह साल में नौकर की 15 गुना बढ़ी संपत्ति, बनाई बेशुमार दौलत

Wed, 30 Aug 2023 03:31 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

अतीक अहमद के गुर्गे ने अपने नौकर सूरज पाल का आयकर रिटर्न दाखिल किया तो पूरे खेल का खुलासा हो गया। मात्र पांच साल में ही वह लखपति से करोड़पति हो गया।
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माफिया अतीक अहमद - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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माफिया अतीक अहमद के गुर्गे मोहम्मद अशरफ उर्फ लल्ला ने अपने नौकर सूरज पाल के नाम से खरीदी करोड़ों रुपये की संपत्तियों की जानकारी को जांच एजेंसियों से छिपाने के लिए तमाम हथकंडे अपनाए थे। हालांकि जब उसने सूरज पाल का आयकर रिटर्न दाखिल करना शुरू किया तो पूरा खेल सामने आ गया। आयकर विभाग की जांच में सामने आया कि सूरज पाल की संपत्तियां छह साल में 15 गुना बढ़ गई थीं।

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आयकर जांच में सामने आया कि सूरज पाल ने पहली बार वर्ष 2018-19 में आयकर रिटर्न दाखिल किया था। इसमें कुल संपत्ति की कीमत 41.95 लाख रुपये दिखाई थी। इसके बाद बीपीएल कार्ड होल्डर सूरज पाल की संपत्तियों में साल दर साल इजाफा होने लगा। वर्ष 2019-20 में उसकी कुल संपत्ति 1.28 करोड़ रुपये की हो गई। वर्ष 2020-21 में इसमें थोड़ी कमी आई और उसने 1.13 करोड़ रुपये की संपत्ति दशाई। इसके बाद वर्ष 2021-22 में उसकी संपत्ति दोगुना बढ़कर 2.52 करोड़ तक पहुंच गई। वर्ष 2022-23 में 6.40 करोड़ रुपये की संपत्ति होने की जानकारी आयकर विभाग को दी है।

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इससे साफ हो गया कि सूरज पाल के नाम से जमीनें खरीदने वाला कोई प्रभावशाली व्यक्ति है। आयकर विभाग की पड़ताल में उसके मालिक मोहम्मद अशरफ का नाम सामने आया। अशरफ और उसके ससुर रफीक उर्फ गुलफुल की हिस्ट्रीशीट और अतीक के गैंग का सदस्य होने की पुष्टि होने पर पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा होता चला गया।
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वर्ष 2018 से पहले खरीदी थीं 11 संपत्तियां
आईजी स्टांप एंड रजिस्ट्रेशन की वेबसाइट से पता चला कि सूरज पाल ने वर्ष 2018 से पहले 11 संपत्तियां खरीदी थीं। ये बाजार दर से काफी कम कीमत पर ली गई थीं। इससे आशंका जताई जा रही है कि अतीक का खौफ दिखाकर अशरफ जमीनों की खरीद-फरोख्त कर रहा था। अधिकतर जमीनें दलितों की थीं, जिसे सूरज पाल के नाम से खरीदा जा रहा था।

अतीक और अशरफ की हत्या के बाद इन जमीनों को आननफानन में बेचा जाने लगा। 43 संपत्तियां बिकने की सूचना मिलने पर आयकर विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए छह संपत्तियों को बेनामी संपत्ति एक्ट में जब्त कर लिया। अब इन संपत्तियों को खरीदने वालों से पूछताछ की तैयारी है।

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