अयोध्या, गोरखपुर, वाराणसी, बुलंदशहर और मुरादाबाद में अटल आवासीय विद्यालयों का निर्माण अभी तक प्रारंभ नहीं हो पाया है। गोरखपुर में निर्माण स्थल पर अतिक्रमण पूरी तरह से नहीं हटाया जा सका है, तो बुलंदशहर में स्थानीय निकाय के स्तर पर एनओसी अटकी हुई है। शेष तीन जिलों में भी अलग-अलग तरह की दिक्कतें सामने आई हैं।
प्रदेश के 18 जिलों में मंडलों में एक-एक अटल आवासीय विद्यालय को मंजूरी दी गई है। इसमें श्रमिकों के बच्चों के साथ-साथ अन्य गरीब बच्चों के रहने-खाने और पढ़ाई की व्यवस्था होगी। इन भवनों के निर्माण का काम पीडब्ल्यूडी को दिया गया है। सभी 18 भवनों के लिए कॉन्ट्रैक्ट देने का काम पूरा हो चुका है। 18 महीने में निर्माण कार्य पूरा करना है। इन भवनों की लागत 66 करोड़ रुपये से लेकर 72 करोड़ रुपये तक है।
बुलंदशहर में स्थानीय निकाय की एनओसी न मिलने के कारण पीडब्ल्यूडी कार्य शुरू करने की तिथि नहीं दे पा रहा है। बताते हैं कि इस अटल आवासीय विद्यालय के निर्माण के लिए एनओसी बुलंदशहर स्थानीय निकाय और नोएडा अथॉरिटी के बीच फंसी हुई है। अगर स्थानीय अधिकारी ठीक से रुचि ले लेते, तो अब तक यह मुद्दा हल हो सकता था।
गोरखपुर में विद्यालय के निर्माण के लिए जो जगह चुनी गई थी, उसके 60 फीसदी हिस्से पर अतिक्रमण था। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का कहना है कि अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही चल रही है। यहां कार्य का अनुबंध भी हो चुका है। अतिक्रमण हटने के बाद शीघ्र ही कार्य शुरू करने की तिथि दे दी जाएगी।
मुरादाबाद में साइट तक पहले पहुंच मार्ग पूरा करना होगा। उसके बाद ही काम शुरू हो सकेगा। पहुंच मार्ग पीडब्ल्यूडी अपने बजट से बना रहा है। 2 किलोमीटर लंबी इस सड़क के लिए 5.5 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। अयोध्या में निर्माण के लिए पेड़ हटाए जा रहे हैं। वहीं, वाराणसी में चिन्हित जमीन का मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। इसलिए वहां काम शुरू नहीं हो पा रहा है। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों का कहना है कि शेष 13 मंडलों में कार्य शुरू हो चुका है।