लखनऊ। आसमान में तारों, ग्रहों और अन्य खगोलीय पिंडों की पहचान के साथ दूरबीन चलाने की कला सीखने का मौका मिलने जा रहा है। इंदिरा गांधी नक्षत्रशाला में 15 नवंबर से खगोल विज्ञान एवं खगोल भौतिकी का 15 दिवसीय प्रमाणपत्र कोर्स शुरू होगा। उत्तर प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद की ओर से आयोजित इस कोर्स के लिए पंजीकरण शुरू हो गया है।
कोर्स में प्रतिभागियों को सौरमंडल, ग्रहों और तारों की पहचान, उनके जीवन चक्र व सूर्य में होने वाले बदलावों की जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा दूरबीन को जोड़ने, संचालित करने और रखरखाव का प्रशिक्षण मिलेगा। रात में खुले आसमान के नीचे खगोलीय पिंडों को देखने का व्यावहारिक अनुभव भी कराया जाएगा।
50 सीटें, शुल्क एक हजार रुपये
प्रशिक्षण में लखनऊ विश्वविद्यालय, एनसीईआरटी, केएनआईटी सुलतानपुर, वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, तार्तु वेधशाला (एस्टोनिया) और अन्य संस्थानों के विशेषज्ञ सहयोग करेंगे। कक्षाएं मुख्य रूप से शनिवार, रविवार और सार्वजनिक अवकाश पर ऑफलाइन होंगी। इच्छुक कोई भी व्यक्ति आवेदन कर सकता है। पंजीकरण शुल्क एक हजार रुपये है। कुल 50 सीटें निर्धारित हैं।
ऐसे करें आवेदन
इच्छुक लोग https://forms.gle/KXfZs58Vt6VfiZSC8 पर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं।