ये संयोग ही कहेंगे कि 15 दिनों के भीतर चंद्रग्रहण और सूर्यग्रहण के अद्भुत खगोलीय नजारों से दुनिया रूबरू होने जा रही है, लेकिन लखनऊ के लोग सिर्फ चंद्रग्रहण ही देख सकेंगे। सूर्यग्रहण भारत में नजर नहीं आएगा। सावन के अंतिम सोमवार यानी सात अगस्त को जहां दो घंटे तक होने वाला चंद्रग्रहण शिव पूजा और रक्षाबंधन का गणित बिगाड़ रहा है, वहीं सूर्यग्रहण भारत में नजर नहीं आने के कारण इसके कोई शुभ-अशुभ प्रभाव नहीं पड़ेंगे।
सूर्यग्रहण 21 अगस्त को सोमवती अमावस्या को दस्तक देगा, जिसकी मान्यता नहीं होगी। वहीं, चंद्रग्रहण के चलते मंदिर दोपहर में बंद हो जाएंगे और रक्षाबंधन दोपहर बाद नहीं मनाया जा सकेगा।
लगभग दो घंटों का चंद्रग्रहण, शुभ-अशुभ फलकारक
ज्योतिषिाचार्यों के मुताबिक 7 अगस्त की रात 10:52 बजे से खंडग्रास चंद्रग्रहण होगा, जिसकी अवधि 117 मिनट यानी एक घंटा 57 मिनट रहेगी।
प्रचलित घड़ी के अनुसार चंद्रग्रहण का स्पर्श 10:52 बजे होगा, मध्य 11:51 बजे और मोक्ष देर रात 12:49 बजे होगा। चंद्रग्रहण भारत के संपूर्ण भू-भाग से दिखाई देगा। इसके अलावा इसे एशिया, अफ्रीका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, प्रशांत महासागर के पश्चिमी इलाकों में भी देखा जा सकेगा।
दुनिया के कई इलाकों से सिर्फ इसकी समाप्ति दिखेगी। आचार्य प्रदीप ने बताया कि चंद्रग्रहण का फल मेष, सिंह, वृश्चिक, मीन राशि वाले जातक के लिए शुभ कारक रहेगा जबकि बाकी राशि के जातक के लिए शुभ नहीं रहेगा।