रीयल एस्टेट सेक्टर में नए निवेशकों का प्रदेश के प्रति आकर्षण सुकून देने वाला है। करीब 40 फीसदी नए निवेशकों ने यूपी का रुख किया।
प्रदेश ने वित्तीय वर्ष 2013-14 की पहली तिमाही में देश के श्रेष्ठ 20 राज्यों में एक नंबर स्थान हासिल किया है। हालांकि मार्च 2012 के बाद यहां एक भी रीयल्टी प्रोजेक्ट पूरा न होने पर चिंता भी जताई गई है।
एसोचैम की अध्ययन रिपोर्ट ‘करंट स्टेट ऑफ रीयल एस्टेट सेक्टर इन इंडिया एंड इट्स रिवाइवल’ से एक खास बात यह भी निकलकर आई है कि बीते एक वर्ष में देश के रीयल एस्टेट सेक्टर में जहां निवेश में 50 प्रतिशत गिरावट आई, वहीं उत्तर प्रदेश में निवेश 64 फीसदी बढ़ गया।
बढ़ते निवेश की बढ़िया सूचनाओं के बीच एसोचैम के महासचिव डीएस रावत का कहना है कि उत्तर प्रदेश में मार्च 2012 से अब तक एक भी रीयल्टी प्रोजेक्ट पूरा नहीं हुआ है यह चिंता का विषय है।
देश भर में 2,971 करोड़ के प्रोजेक्ट वित्त वर्ष 2013-14 की पहली तिमाही में पूरे हुए और इसमें 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इनमें से गुजरात के 35 प्रतिशत प्रोजेक्ट थे और वो नंबर वन रहा। इसके बाद महाराष्ट्र (17 प्रतिशत), राजस्थान (12 प्रतिशत), तमिलनाडु (11 प्रतिशत) और हरयाणा (10 प्रतिशत) रहे।
कुल रुपए 1.4 लाख करोड़ का निवेशजून 2013 तक देश में करीब 14 लाख करोड़ रुपए का निवेश हुआ है, इसमें से 10 प्रतिशत यानी 1.4 लाख करोड़ यूपी में हुआ। प्रदेश को इस मामले में पांचवां स्थान मिला।
वहीं जारी प्रोजेक्ट्स के लिहाज से प्रदेश में इस वक्त 1.3 लाख करोड़ का निवेश हो रखा है जो देश के निवेश 9.4 लाख करोड़ का कुल 14 प्रतिशत है। इस लिहाज से महाराष्ट्र (17 प्रतिशत), हरयाणा (16 प्रतिशत) के बाद यूपी तीसरा है और गुजरात (13 प्रतिशत) व कर्नाटक (11 प्रतिशत) उसके बाद हैं।
वजहें: इसलिए बढ़ा इतना निवेशप्रदेश में शहरीकरण तेजी से बढ़ रहा है। साथ ही सिंगल परिवारों का चलन, लोगों का गांवों से शहरों की ओर आना, आधारभूत संरचनाओं का विकास, बढ़ती आय, आदि बातों ने घरों की मांग बढ़ाई है।
देश का रीयल्टी सेक्टर जीडीपी में 6.3 प्रतिशत योगदान देता है तो करीब 80 लाख रोजगार भी पैदा करता है।