सिर्फ 251रुपए में स्मार्टफोन देने का दावा करने वाली कंपनी के खिलाफ एसोचैम ने अपनी अर्जी दी है। इनका दावा है कि कंपनी धोखा कर रही है।
शुक्रवार को फ्रीडम 251 के मामले में एसोचैम ने लखनऊ में हजरतगंज के पुलिस अधीक्षक पूर्व को एक अर्जी दी है। एसोचैम के वाइस चैयरमैन संदीप सक्सेना ने अपनी इस अर्जी में फ्रीडम 251 मोबाइल की बिक्री के नाम पर धोखाधड़ी करने की बात कही हैं।
इस अर्जी में लिखा गया है कि जिन फीचर्स को फ्रीडम 251 रुपए में देने की बात की जा रही है, वैसा फोन 3000 रुपए से कम कीमत में नहीं बनाया जा सकता।
ब्लैक लिस्टेड है ये कंपनी, पहले भी मिली है शिकायत
शिकायत में आगे लिखा है कि फ्रीडम 251 बेचने वाली डाटा विंड कंपनी वही है जो आकाश टैबलेट मामले में सप्लाय न करने के कारण चर्चा में रही थी। ये एक ब्लैक लिस्टेड कंपनी है।
वहीं इस मोबाइल की बुकिंग शुरू होते ही सर्वर खराब हो जाना जनता के साथ खिलवाड़ करने जैसा है। डाटा विंड कंपनी की ओर से फ्रीडम 251 के नाम पर जनता से पैसों की उगाही का प्रयास किया जा रहा है।
एसौचैम ने पुलिस अधीक्षक हजरतगंज से इस मामले की जांच करने की बात भी कही है। इस अर्जी को देने वाले संदीप कंप्यूटर व्यापार मंडल के प्रेसीडेंट भी हैं। वहीं आयकर विभाग भी रिंगिंग बेल कंपनी पर छापेमारी करने पहुंचे।
आयकर विभाग ने रिगिंग बेल पर मारा छापा
आयकर विभाग के अधिकारी रिंगिंग बेल के आफिस पहुंचकर इस मामले की जांच कर रहे हैं कि प्रोजेक्ट में लगी रकम के लिए पैसा कहां से आया।
पुलिस अधिकारी भी रिंगिंग बेल के दफ्तर पहुंचे हैं। कंपनी के दस्तावेजो की जांच हो रही है। रिंगिग बेल कंपनी शामली के मध्यम वर्गीय युवक की है।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि एक मध्यम वर्गीय युवक के पास इतना पैसा कहां से आया। रिंगिंग बेल कंपनी के मालिक मोहित गोयल के पिता की शामली में परचून की दुकान है।