संवाद न्यूज एजेंसी
रायबरेली। जिले के अमावां ब्लॉक की साधन सहकारी समितियों में 41.89 लाख रुपये के खाद घोटाले में बैंक प्रबंधक के निलंबन के बाद अब सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक (सहकारिता) सुरेंद्र मौर्या को भी निलंबित कर दिया गया है। गड़बड़ी मिलने के बाद भी सहायक आयुक्त समितियों के संबंधित बैंक खातों में धनराशि जमा करवाने के आदेश का पालन नहीं किया। निलंबन अवधि में सहायक आयुक्त लखनऊ मुख्यालय से संबद्ध रहेंगे। उनके स्थान पर मुख्यालय में तैनात रहे राम सागर चौरसिया को नया सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक बनाया गया है।
अमावां ब्लॉक क्षेत्र की साधन सहकारी समितियों में खाद की कमी और कालाबाजारी की शिकायत पर जांच कराई गई थी। जांच में साधन सहकारी समितियों दुसौती, पहरेमऊ, लालूपुर चौहान, रसेहता, लोधवामऊ व देवानंदपुर में 41.89 लाख रुपये की खाद कम मिली थी। जांच में स्टाक रजिस्टर में दर्ज खाद गोदामों से गायब मिली थी।
किसानों में खाद की वितरण ही नहीं किया गया। यह पूरा खेल सहकारी बैंक के प्रबंधक की मिली भगत से हुआ था। जांच में खाद के घपले की पुष्टि के बाद मामले में सहकारी बैंक के प्रभारी शाखा प्रबंधक बृजेश कुमार को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक (सहकारिता) सुरेंद्र मौर्या को संबंधित धनराशि को समितियों के संबंधित खातों में जमा कराने के आदेश का अनुपालन न करने पर निलंबन की कार्रवाई हुई है।