चर्चित आदित्यकांड में गवाह को धमकाने के मामले में स्कूल संचालक पर गैंगस्टर अधिनियम के तहत केस दर्ज हुआ था। गैंगेस्टर अधिनियम की विवेचना भदोखर थानेदार राजेश कुमार सिंह को सौंपी गई थी। जांच के बाद कुर्की की कार्रवाई की गई। स्कूल संचालक सुरेंद्र सिंह के खिलाफ सदर कोतवाली, शिवगढ़ थाने में जानलेवा हमला, हत्या, बलवा, गुंडा अधिनियम समेत 13 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। अपराधी के खिलाफ एनएसए की कार्रवाई पहले ही हो चुकी है। विवेचक ने बताया कि स्कूल संचालक जिला कारागार में बंद है। रविवार की सुबह जिला कारागार जाकर स्कूल संचालक से कुुर्की की नोटिस तामील कराई गई।
अपराध के जरिए अर्जित की गई संपत्ति
विवेचक के मुताबिक स्कूल संचालक का अपराध से गहरा नाता रहा है। कभी उसका नाम हत्या में आया तो कभी वह बलवा मेंं शामिल रहा। सबसे ज्यादा तब वह चर्चा में आया, जब वह जिले के चर्चित डीफार्मा छात्र आदित्य प्रताप सिंह की हत्या में गवाहों को धमकाना शुरू कर दिया। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया और उसके खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई कर दी।
पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि शातिर अपराधी एवं स्कूल संचालक की छह करोड़ से ज्यादा कीमत की चल-अचल संपत्ति कुर्क की गई है। यह संपत्ति संचालक ने अपराध के जरिए अर्जित किया था। उसकी और भी चल-अचल संपत्ति के बारे में पता लगाया जा रहा है। सुरेंद्र सिंह पर 13 आपराधिक केस दर्ज हैं। एनएसए की कार्रवाई पहले ही सुरेंद्र पर की जा चुकी है। शिवगढ़ थाने में दर्ज हत्या के मामले में उसे सजा हुई है। वह सजायाफ्ता है।