लखनऊ। मथुरा सहित कई जिलों में दलित उत्पीड़न व सांसद चंद्रशेखर आजाद पर हमले के विरोध में आजाद समाज पार्टी (एएसपी) के कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतर कर प्रदर्शन किया। राजभवन का घेराव करने के लिए परिवर्तन चौक पर एकत्र हुए कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया।
कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गए। पुलिस ने कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर गाड़ियों से रवाना किया। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित कर दलित उत्पीड़न पर रोक लगाने व प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की।
एएसपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने परिवर्तन चौक से राजभवन तक सोमवार को पैदल मार्च निकालने की बात कही थी। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील कुमार चित्तौड़, प्रदेश उपाध्यक्ष सौरभ किशोर, प्रदेश कोषाध्यक्ष अमित गौतम, प्रदेश सचिव अनिकेत धानुक और जिलाध्यक्ष अजय भारती आदि परिवर्तन चौक पर एकत्र हुए।
पुलिस ने इन्हें रोकने के लिए परिवर्तन चौक, हजरतगंज के रास्ते पर बैरिकेडिंग लगा दी गई। पुलिस ने चंद्रशेखर आजाद को बनारस में ही रोक लिया।
प्रदेश अध्यक्ष सुनील कुमार चित्तौड़ ने कहा, भाजपा सरकार में रोज किसी न किसी जिले में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक समाज के लोगों के साथ मारपीट, हत्या, दुष्कर्म और उत्पीड़न की घटनाएं हो रही हैं। भाजपा सरकार इन घटनाओं को रोकने में नाकाम हो रही है।
चौतरफा लगे जाम से जूझे राहगीर
एएसपी के प्रदर्शन के दौरान सोमवार सुबह परिवर्तन चौक के आसपास चौतरफा लंबा जाम लग गया। डायवर्जन लागू होने के बाद भी लोगों को दफ्तर पहुंचने में जाम का सामना करना पड़ा। जाम का असर शहीद स्मारक मार्ग से लेकर पक्का पुल तक रहा। हजरतगंज, विवि मार्ग, कैसरबाग मार्ग पर भी यातायात का दबाव रहा। ट्रैफिक पुलिस यातायात सामान्य करने के प्रयास में जुटी रही। रीब साढ़े ग्यारह बजे ज्ञापन देने के बाद प्रदर्शन खत्म कर दिया गया था। इसके कुछ ही देर बाद यातायात सामान्य हो सका।