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कारोबारी अश्विन कपूर के खुदकुशी के मामले में मां, भाई और वकील समेत पांच पर केस

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लखनऊ। विभूतिखंड के रोहतास प्लूमेरिया अपार्टमेंट में रहने वाले कारोबारी अश्विन कपूर के खुदकुशी के मामले में पुलिस ने शनिवार को मुकदमा दर्ज कर लिया है। सीजेएम कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने मृतक कारोबारी की पत्नी सुजैन चेवस की तहरीर पर भाई, मां और एक वकील के खिलाफ खुदकुशी के लिए उकसाने, अवैध वसूली और संपत्ति हड़पने का मुकदमा दर्ज किया है। मालूम हो कि अपार्टमेंट के ए-1002 में रहने वाले कारोबारी अश्विन कपूर ने 18 जुलाई को खुदकुशी कर ली थी।
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पुलिस के मुताबिक, पीड़िता सुजैन ने आरोप लगाया कि अश्विन के भाई विपिन कपूर, नीरज कपूर, भतीजा ऋषिदेवव्रत कपूर और उनकी मां सरोज कपूर लगातार अवैध वसूली करती थी। पूरे परिवार में अश्विन ही आय का जरिया था। आरोप है कि ऋषिदेव व्रत लगातार रुपये के लिए अश्विन को मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था। उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। उसने अश्विन से मारपीट भी की। जिसमें अश्विन का हाथ टूट गया।
पत्नी ने लगाए गंभीर आरोप
लखनऊ। विभूतिखंड के रोहतास प्लूमेरिया अपार्टमेंट में रहने वाले कारोबारी अश्विन कपूर के खुदकुशी के मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। अश्विन की पत्नी सुजैन का आरोप है कि भतीजे ऋषिदेव ने अश्विन के साथ व्यापार करने का झांसा दिया। उसने अपने खाते में 12 करोड़ रुपये होने की बात भी कही थी। लेकिन अश्विन का अपने भतीजे ऋषिदेव पर भरोसा नहीं था। अश्विन से रुपये ऐंठने के लिए जून 2020 में कई बार ऋषिदेव ने उसकेे घर के चक्कर लगाए। इस दौरान उसने जालसाजी कर अश्विन के डिजिटल हस्ताक्षर भी हासिल कर लिए।
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आरोप लगाया कि ऋषिदेव ने अश्विन को बिना जानकारी दिए एक जगह गारंटर रखा और वहां से 8 लाख रुपये ले लिया। दबाव बना तो 5 लाख रुपये लौटाया पर तीन लाख रुपये हड़प लिया। 10 जुलाई को अश्विन ऋषिदेव से मिलने नोएडा गए थे, लेकिन वहां मुलाकात नहीं हुई। इससे वह डिप्रेशन में रहने लगे। 18 जुलाई 2020 की रात को ऋषिदेव का अश्विन के मोबाइल पर कॉल की। कई बार कॉल आने के बाद भी अश्विन ने फोन नहीं रिसीव किया। इससे वह काफी परेशान हो गए। वह सिगरेट पीने की बात कहकर निकले थे। कुछ देर बाद उन्होंने अपने कमरे में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी।
मौत के दूसरे दिन संपत्ति पर कब्जा करने पहुंचे लोग
सुजैन का आरोप है कि 20 जुलाई की सुबह 11.30 बजे उनके आवास पर ऋषिदेवव्रत, विपिन कपूर, सरोज कपूर, नीरज कपूर और लखनऊ के एक वकील राजीव शर्मा पहुंचे। उन्होंने एक दस्तावेज निकाला और पढ़ना शुरू कर दिया। इसमें अश्विन के चल व अचल संपत्ति के बंटवारे की बात थी। आरोप है कि सारी संपत्ति जालसाजी कर अश्विन की मां के नाम करने की बात कही। इसी कागज पर लोगों ने जबरदस्ती दस्तखत करने के लिए कहा, लेकिन सुजैन ने मना कर दिया। इस पर ऋषिदेव ने उस पर रिवॉल्वर निकालकर जान से मारने की धमकी दी। प्रभारी निरीक्षक चंद्रशेखर सिंह के मुताबिक, मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
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