लखनऊ। पूर्व मंत्री व बीजेपी के वरिष्ठ नेता स्वर्गीय आशुतोष टंडन ''''गोपाल जी'''' की पहली पुण्यतिथि पर इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में ''''राजनीति में शालीनता, शुचिता और सेवा'''' विषय पर एक विशेष परिचर्चा का आयोजन किया गया। लालजी टंडन फाउंडेशन की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शिरकत की। सीएम योगी ने गोपालजी के साथ अपने व्यक्तिगत व राजनीतिक अनुभव साझा करते हुए उन्हें सच्चे जनसेवक और समर्पित नेता के रूप में याद किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, आशुतोष टंडन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के विजन को उत्तर प्रदेश में उतारने में पूरी लगन के साथ मेहनत की। लखनऊ में एसजीपीजीआई, आरएमएल और अन्य चिकित्सा संस्थानों के विकास के लिए उन्होंने लगातार प्रयास किया। आशुतोष टंडन को भाजपा के पुराने नेताओं व परंपराओं की स्मृतियों को संजोने में गहरी रुचि थी। वे चाहते थे कि आरएमएल के एक सेंटर का नाम पूर्व मुख्यमंत्री राम प्रकाश गुप्ता के नाम पर हो और लखनऊ के पूर्व मेयर डॉक्टर एसजी राय के नाम पर एक बैंक की स्थापना हो। गोपालजी ने पार्टी के सिद्धांतों को कायम रखा।
केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पूर्व राज्यपाल लालजी टंडन से उनका गहरा रिश्ता था। उनसे बातचीत एवं हंसी-मजाक होती रहती थी। आशुतोष टंडन ''''गोपालजी'''' हमेशा उनका लिहाज करते थे। गोपालजी जब कभी आते थे, उनका मुस्कुराता चेहरा होता था। उनमें लोगों के साथ अपनेपन का रिश्ता बना लेने की एक अद्भुत कला थी।
राजनाथ ने कहा, गोपालजी छोटी आयु में चले गए। गोपालजी सक्रिय राजनीति में रहे। आशुतोष टंडन को लखनऊ वालों ने परिवार का सदस्य माना। उन्होंने भी लखनऊ वालों को अपने परिवार का सदस्य माना था।
कार्यक्रम में भाजपा ने अपने उन वरिष्ठ नेताओं की पत्नियों का विशेष सम्मान किया, जिन्होंने पार्टी व समाज के प्रति योगदान में पतियों का साथ दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उर्मिला शुक्ला, मधु राय, और अचला भार्गव को मंच पर बुलाकर उनके पति के योगदान का स्मरण किया और उनके प्रति सम्मान प्रकट किया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, मंत्री असीम अरुण, पूर्व डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा भी मौजूद रहे।