पार्टी हित के खिलाफ कभी काम नहीं किया
सिद्धार्थ ने कहा कि उन्होंने कभी पार्टी के हित के खिलाफ कोई काम नहीं किया। मायावती के खिलाफ कुछ करने के बारे में सपने में भी नहीं सोच सकते। उन्होंने तथागत गौतम बुद्ध और कांशीराम को साक्षी मानते हुए अपनी निष्ठा का उल्लेख किया। कहा कि मायावती की एक-एक नसीहत और आदेश उनके लिए अंतिम शब्द हैं।
आकाश आनंद को सलाह देने के आरोप को बताया गलत
अशोक सिद्धार्थ ने पत्र में आकाश आनंद को सलाह देने या उन्हें गुमराह करने के आरोपों को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि बीते कई महीनों से आकाश आनंद से उनकी मुलाकात भी केवल कुछ अवसरों पर हुई, जब उनके कार्यक्रम उन राज्यों में थे, जिनकी जिम्मेदारी मायावती ने उन्हें दी थी।
उन्होंने कहा कि पार्टी के कुछ साथी उन्हें मायावती से मिले सम्मान के कारण यह आरोप लगाते हैं कि वह पार्टी पर कब्जा करना चाहते हैं या आकाश आनंद को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। ये सब आरोप पूरी तरह निराधार हैं। यह राजनीतिक विरोधियों की साजिश है।