लखनऊ। रेलवे ने ट्रेनों में एसी व स्लीपर क्लास में वेटिंग की सीटों का प्रतिशत बढ़ा दिया है। इसे एसी में 60 व स्लीपर में 30 प्रतिशत कर दिया है। ऐसा होते ही सोमवार को लखनऊ से मुंबई, हावड़ा, दिल्ली व लंबी दूरी की ट्रेनों में वेटिंग की 6,200 सीटें बुक हो गईं। अधिकतर रूटों पर अब ट्रेनों में रिग्रेट चल रहा है।
ट्रेनों में बढ़ती शिकायतों को दृष्टिगत रखते हुए रेलवे बोर्ड ने 16 जून से वेटिंग की सीटों का नया नियम लागू किया। इसके तहत एसी व स्लीपर क्लास की बोगियों में कुल सीटों के 25 प्रतिशत ही वेटिंग टिकट जारी होंगे। इससे मुंबई रूट की ट्रेनों में स्लीपर में वेटिंग टिकट जहां 350 तक बुक होते थे, उनकी संख्या घटकर 105 तक पहुंच गई। एसी में यह संख्या सिमटकर रह गई। आईआरसीटीसी वेबसाइट, एप व आरक्षण केंद्रों पर यात्रियों को वेटिंग के भी टिकट मिलने बंद हो गए। अधिकतर ट्रेनों में रिग्रेट होने लगा। मजबूरन यात्री स्टेशन पर एक्सट्रा फेयर टिकट (ईएफटी) कटवाकर सफर करने लगे। इस पर उन्हें टिकट दर के अतिरिक्त जुर्माना भी देना पड़ रहा था।
इसी बीच रेलवे बोर्ड ने पुराने नियम में संशोधन का निर्णय लिया। हालांकि, वेटिंग के कोटे में कैपिंग फिलहाल एक महीने के लिए ही ट्रायल पर की जा रही है। इसके बाद निकलने वाले परिणामों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। अब रेलवे प्रशासन एसी क्लास में कुल सीटों की 60 प्रतिशत तथा नॉन एसी में 30 प्रतिशत वेटिंग टिकट जारी करेगा। जबकि पहले सिर्फ 25 प्रतिशत सीटें ही वेटिंग में बुक हो रही थीं। इससे यात्रियों को मामूली राहत की उम्मीदें हैं।
कन्फर्म टिकट की मिले गारंटी
दैनिक यात्री एसोसिएशन के अध्यक्ष एसएस उप्पल ने रेलवे के इस निर्णय को फौरी बताया। उन्होंने कहा कि वेटिंग का कोटा बढ़ाने से यात्रियों को कन्फर्म टिकट की गारंटी नहीं मिल जाएगी। रेलवे को ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि यात्रियों का सफर आसान हो सके।
आठ घंटे पहले बनेगा चार्ट, चलेंगी क्लोन ट्रेनें
रेलवे ने ट्रेनों का चार्ट चार की जगह आठ घंटे पहले बनाने का निर्णय है। अब चार्ट ट्रेन रवानगी से आठ घंटे पहले तैयार हो जाएगा। इससे यात्रियों को खासी राहत हो जाएगी। वेटिंग कन्फर्म नहीं होने पर यात्री दूसरी ट्रेनों के विकल्प तलाश सकेंगे। इतना ही नहीं, यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे क्लोन ट्रेनें भी चलाएगा। मसलन, लखनऊ से दिल्ली जाने वाली लखनऊ मेल का चार्ट आठ घंटे पहले बनता है तो जो यात्री वेटिंग में रह जाएंगे, उनके लिए लखनऊ मेल क्लोन एक्सप्रेस चलाकर राहत दी जाएगी। इसके टिकट, टाइमिंग, रैक आदि को लेकर मंथन हो रहा है, जिस पर जल्द निर्णय की उम्मीद जताई जा रही है।