प्रदेश सरकार आर्थिक गतिविधियां पटरी पर लौटने के साथ ही केंद्र व राज्य की परियोजनाओं को रफ्तार देने की तैयारी में है। इसके लिए वित्तीय स्वीकृतियां तेजी से जारी करने, आवंटित धनराशि समय से खर्च किए जाने और केंद्रीय परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार से अधिक से अधिक धन आवंटन प्राप्त करने की योजना है।
शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नियोजन विभाग हर महीने आय-व्यय के प्रावधान के सापेक्ष प्रदेश में क्रियान्वित होने वाली योजनाओं की वित्तीय व भौतिक प्रगति तथा केंद्र के सहयोग से चलने वाली व केंद्रीय योजनाओं की समीक्षा करता है। वर्ष 2020-21 के बजट में प्रावधानित धनराशि के सापेक्ष अगस्त तक की स्वीकृतियों की समीक्षा में पता चला कि अब भी कई विभागों में अपेक्षित स्वीकृतियां जारी नहीं की गई हैं।
कई जगह स्वीकृतियां जारी हैं तो जिलों व कार्यदायी संस्थाओं को धनराशि आवंटन में सुस्ती है। इससे निर्माण परियोजनाओं व योजनाओं के समय से क्रियान्वयन पर असर पड़ रहा है। योजनाओं को रफ्तार देने के लिए मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने शासन के सभी अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों व सचिवों को एक पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने बजट में प्रावधानित राशि के सदुपयोग को लेकर विभागों को कई महत्वपूर्ण कार्य प्राथमिकता पर सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
इस तरह कार्रवाई के फरमान
वित्तीय वर्ष 2020-21 में विभाग योजनाओं की अपेक्षित वित्तीय स्वीकृतियां तत्काल जारी करें। पूंजीगत मद से संबंधित योजनाओं को अनिवार्य रूप से प्राथमिकता दी जाए। इससे निर्माण परियोजनाओं को गति मिलेगी।
विभागाध्यक्ष स्तर से कार्यदायी संस्थाओं व जिलों को खर्च के लिए धनराशि उपलब्ध करा दी जाए, ताकि विकास कार्यों को रफ्तार मिल सके।
कई कार्यदायी संस्थाओं व बैंकों में गत वर्षों की धनराशि बिना खर्च पड़ी है। इसके तत्काल सदुपयोग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
केंद्र सहायतित व केंद्रीय योजनाओं में केंद्र सरकार से अधिक धनराशि प्राप्त करने के प्रयास किए जाएं। इसके लिए केंद्र को समय से आवश्यक उपयोगिता प्रमाणपत्र भेजा जाना सुनिश्चित किया जाए।