यूपी में कोई भी किसान एक सीजन में 40 बैग से ज्यादा यूरिया नहीं खरीद सकेगा। इतना ही नहीं, साल भर में उसे अधिकतम 100 बैग ही यूरिया मिल सकेगा। प्रदेश सरकार केंद्र को यह प्रस्ताव भेज रही है, ताकि यूरिया न मिलने की शिकायतों से निपटा जा सके।
हाल में ही धान की टॉप ड्रेसिंग के वक्त यूरिया को लेकर प्रदेश में काफी मारामारी मची थी। यूरिया बिक्री केंद्रों पर लंबी कतारें देखी गई थीं। देखने में यह भी आया कि कुछ किसानों ने आवश्यकता से अधिक यूरिया खरीदकर रख लिया। भविष्य में ऐसी स्थिति से निपटने के लिए शासन ने एक किसान के यूरिया खरीदने की सीमा तय करने का फैसला किया है। इस प्रस्ताव के अनुसार किसी भी किसान को साल भर में 100 बैग से ज्यादा यूरिया की जरूरत नहीं हो सकती। प्रदेश में 18 एकड़ भूमि की सीलिंग लागू है, जिसे देखते हुए यह मात्रा तय की गई है।
अभी पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीन में एक सीजन में एक किसान के नाम अधिकतम 100 बैग यूरिया दर्ज करने की व्यवस्था है। केंद्र से प्रस्ताव मंजूर होने पर पीओएस मशीन में जरूरी बदलाव करने होंगे। इसके साथ ही आधार नंबर और किसान के अंगूठे के निशान का मिलान होने पर ही पीओएस मशीन से यूरिया देने की व्यवस्था अनिवार्य रूप से लागू की जाएगी। कोई भी विक्रेता पीओएस मशीन में ब्योरा अपलोड किए बिना किसी किसान को यूरिया नहीं दे सकेगा। इस मामले में संपर्क किए जाने पर अपर मुख्य सचिव कृषि डॉ. देवेश चतुर्वेदी ने बताया कि आवश्यकतानुसार यूरिया वितरण के लिए उचित कदम उठाने पर विचार किया जा रहा है।