लखनऊ। हिस्ट्रीशीटर लल्लन की आसपास के गांवों में दहशत है। उसकी दबंगई की वजह से लोग उसे गब्बर कहते हैं। उसने बेखौफ होकर वारदात को अंजाम दिया। आसपास के लोग चीख रहे थे लेकिन उसे जरा भी डर नहीं था। उसने अपने बेटे के साथ एक-एक कर तीनों को मारकर खूनी खेल खेला और आराम से असलहे लहराते हुए भाग गया।
विवाद के बाद हमलावर थार से फरीद के घर पहुंचे। हमलावरों ने फरीद के घर के गेट पर गाड़ी लगाई। हिस्ट्रीशीटर लल्लन राइफल लेकर तेजी से गालीगलौज करते हुए उतरा। फरीद का 15 साल का बेटा हंजला जैसे ही दिखा लल्लन ने उसके सिर पर गोली मार दी। हंजला जमीन पर गिर पड़ा। ये देख मुनीर उर्फ ताज पहुंचे तो उन पर भी गोलियां बरसा दीं। तभी फरहीन गेट पर आ गईं। इसी दौरान लल्लन के बेटे फराज ने उससे राइफल छीन ली और फरहीन पर गोलियां दाग दीं। फरीद किसी तरह से बच गए। मासूम बच्चे पर भी गोली दागने में हमलावरों का जरा भी दिल नहीं पसीजा।
वारदात के वक्त फरीद भी वहां मौजूद थे। जब आरोपी खूनी खेल खेल रहे थे तो वह अपनों को बचाने के प्रयास में जुटे थे लेकिन नाकाम रहे। इसी दौरान वह गिर गए थे। आरोपियों को अंदेशा था कि फरीद को भी गोली लग गई है। इसलिए वह पूरी इत्मीनान से वहां से भागे। गांव में किसी की हिम्मत नहीं हुई जो कोई उन्हें रोक ले। ग्रामीणों का कहना है कि हमलावरों के सिर पर खून सवार था। जो भी बचाने जाता वह मारा जाता। इसलिए ग्रामीण घर में दुबके रहे।
पास के घर में मौजूद लोग आंखों के सामने कत्ल पर कत्ल होते देख रहे थे। वह चीख रहे थे। एक शख्स मोबाइल से वीडियो भी बना रहा था। सबसे पहले जब हंजला को गोली लगी तो वह बोले... बच्चे को मार दिया। तभी मुनीर उर्फ ताज को गोली मारी गई तो आवाज आई कि ताज चाचा को भी नहीं छोड़ा। उन पर भी गोली दाग दी। आखिर में जब फरहीन को गोली लगी तो पड़ोसी रिश्तेदार बिलख-बिलखकर रोने लगे।