दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल
- फोटो : ANI
कांग्रेस व भाजपा के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट की ओर से डिस्चार्ज (उन्मोचित) अर्जी खारिज करने के आदेश को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जिला जज की कोर्ट में चुनौती दी है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की ओर से जिला जज की कोर्ट में निगरानी अर्जी दाखिल की गई। प्रभारी जिला जज राजेश नारायण मणि त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री की निगराजी अर्जी सुनवाई के लिए मंजूर (एडमिट) करने का आदेश दिया है। मामले में अगली सुनवाई के लिए छह सितंबर की तिथि नियत की गई है।
वर्ष 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ अमेठी लोकसभा क्षेत्र से कवि कुमार विश्वास को पार्टी प्रत्याशी बनाया था। उनके समर्थन में आम आदमी पार्टी के संयोजक व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मुसाफिरखाना क्षेत्र के औरंगाबाद गांव में चुनावी जनसभा को संबोधित किया था। आरोप है कि अरविंद केजरीवाल ने दो मई 2014 को औरंगाबाद की चुनावी जनसभा में कांग्रेस और भाजपा के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। चुनाव के उड़न दस्ता प्रभारी/नायब तहसीलदार प्रेमचंद ने लोक जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के तहत मुसाफिरखाना कोतवाली में केस दर्ज कराया।
मामले की सुनवाई कर रहे एमपी-एमएलए की विशेष कोर्ट के मजिस्ट्रेट योगेश कुमार यादव ने गत चार अगस्त को अरविंद केजरीवाल की ओर से केस से डिस्चार्ज (उन्मोचित) करने के लिए दी गई अर्जी खारिज कर दिया था। 18 अगस्त को अरविंद केजरीवाल के कोर्ट में नहीं आने से उनके खिलाफ आरोप तय नहीं हो पाया था। कोर्ट ने आरोप तय करने के लिए अरविंद केजरीवाल को 27 अगस्त के लिए अदालत में तलब किया था। इसी मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट की ओर से डिस्चार्ज (उन्मोचित) अर्जी खारिज करने के आदेश को अरविंद केजरीवाल ने जिला जज की कोर्ट में चुनौती दी है।
अरविंद केजरीवाल की ओर से जिला जज की कोर्ट में निगरानी अर्जी दाखिल की गई है। प्रभारी जिला जज राजेश नारायण मणि त्रिपाठी ने निगराजी अर्जी सुनवाई के लिए मंजूर (एडमिट) करने का आदेश दिया है। बचाव पक्ष के अधिवक्ता रुद्र प्रताप सिंह ने बताया कि कोर्ट ने मामले में अगली सुनवाई के लिए छह सितंबर की तिथि नियत की है।