आम आदमी पार्टी (आप) की निष्कासित नेता अरुणा सिंह ने गुरुवार को अपने निष्कासन के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रशांत भूषण को जिम्मेदार ठहराया है।
निष्कासन के करीब एक साल बाद उन्होंने कहा प्रशांत भूषण की गलत रिपोर्ट के कारण ही उन्हें पार्टी से हटाया गया, जबकि प्रशांत भूषण के साथ जांच कर रहे दूसरे नेता एमिरन रामदास ने मुझे निर्दोष बताया था।
उल्लेखनीय है कि मार्च 2014 में लोकसभा चुनाव के समय अरुणा पर पैसे लेकर टिकट दिलवाने के आरोप लगे थे। इसी के बाद उन्हें पार्टी से निष्कासित किया गया था।
पत्रकारों से बात करते हुए अरुणा ने कहा कि उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था कि वे प्रशांत भूषण के गुट में रहें।
उन्होंने कहा कि पार्टी से हटाने का जो षड्यंत्र रचा गया उसमें प्रशांत सक्रिय हो गए। अब पार्टी में जो घटनाएं चल रही हैं उससे यह प्रमाणित हो गया है कि पार्टी में गुटबाजी काफी पहले से है।
उन्होंने अरविंद केजरीवाल से प्रशांत भूषण को तत्काल पार्टी से निकालने की मांग की है।