प्रदूषण और सूखे से जूझ रहे उत्तर प्रदेश में इस सप्ताह कभी भी कृत्रिम बारिश कराई जा सकती है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कृत्रिम बारिश कराए जाने के प्रदेश सरकार के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। कानपुर आईआईटी के सहयोग से कृत्रिम बारिश कराई जाएगी।
आईआईटी कानपुर के उपनिदेशक प्रो. मणिंद्र अग्रवाल ने बताया कि कृत्रिम बारिश के लिए इसरो से एयरक्राफ्ट मांगा गया था। इसरो ने उच्च तकनीक से लैस एयरक्राफ्ट सुपर किंग एयर बी-200 कानपुर आईआईटी को सौंप दिया है।
आईआईटी के वैज्ञानिकों का कहना है कि कृत्रिम बारिश के लिए कई केमिकल का मिश्रण करके एक सॉल्यूशन तैयार किया गया है जो पहले आसमान में बादल बनाएंगे और उससे बारिश होगी। इसके लिए आसमान में हल्के बादल आने का इंतजार किया जा रहा है।
यहां कराई जा सकती है बारिश
प्रदेश के दस जिले दिल्ली से भी अधिक प्रदूषित हैं। इनमें हापुड़, बुलंदशहर, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, संभल, अलीगढ़, कासगंज, बागपत, बदायूं और मेरठ शामिल हैं। वहीं, बुंदेलखंड सबसे अधिक सूखाग्रस्त इलाका है। यहां कृत्रिम बारिश कराई जा सकती है।