लखनऊ। होली पर ताजा चमकते से दिखने वाले फल-सब्जियों का सेवन आपकी सेहत दांव पर लगा सकता है। एफएसडीए मुख्यालय स्तर से त्यौहार के मौके पर बाजार में बिकने वाले फलों सब्जियों की कराई गई सर्वे सर्विलांस जांच में कृत्रिम रंग के साथ ही हानिकारक व प्रतिबंधित आक्सीटोसिन का इस्तेमाल सामने आया है। बाजार में बिकते लाल चमकते सेब अनार अथवा लंबी लौकी या मोटा कद्दू खरीदते समय पूरी सावधानी बरतनी चाहिए। इसे गंभीरता से लेते हुए एफएसडीए मुख्यालय ने राजधानी की सभी प्रमुख सब्जी व फल मंडियों में नमूना सैंपलिंग का सघन अभियान चलाने का निर्देश एफएसडीए की जिला इकाई को दिया है।
घटिया गुणवत्ता की सब्जी व फल बेचे जाने की लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एफएसडीए मुख्यालय के निर्देश पर बीते जनवरी व फरवरी माह में दुबग्गा, हरदोई रोड और सीतापुर रोड सहित कई अन्य स्थानों पर सर्वे सर्विलॉस के आधार पर बेचे जा रहे फलों व सब्जियों के नमूने जांच के लिए जनविश्लेषण प्रयोगशाला भेजे गए थे। मुख्यालय स्तर से समय समय पर सेहत को नुकसान पहुंचाने वाली खाद्य सामग्री की जांच पड़ताल को सर्वे सर्विलॉस कार्रवाई होती है। इससे बाजारों में बेची जा रही खाद्य सामग्री की गुणवत्ता परखी जाती है। सहायक आयुक्त फूड ने बताया कि सर्विलांस सैंपलिंग होने के कारण अधिकृत तौर पर इसकी रिपोर्टिंग अभिलेखों में दर्ज न कर बस इसके आधार पर मिलावटी खाद्य सामग्री की बिक्री रोकने को होने वाली प्रभावी कार्रवाई में मदद ली जाती है।
एफएसडीए की जिला इकाई से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि बीते माह राजधानी में फलों व सब्जियों की जांच कराने के लिए अलग-अलग इलाकों के बाजारों से लिए गए फल व सब्जी के 35 नमूनों को सविलॉस जांच के लिए भेजा गया था। इनमें कुछ में कृत्रिम रंग, रसायन युक्त पालिश व आक्सीटोसिन की मात्रा जांच में पाए जाने की जानकारी बाद अब सघन तौर से फलों व सब्जियों की नमूना सैंपलिंग कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी एसके मिश्रा ने बताया कि फिलहाल होली के दृष्टिगत संचालित खाद्य तेल, खोवा के साथ ही फलों व सब्जियों के नमूनों की भी नमूना सैंपलिंग कर जांच को भेजने की कार्रवाई शुरू की गई है। होली का त्यौहार खत्म होते ही अगले सप्ताह से एफएसओ स्तर पर अलग-अलग टीमेें गठित कर शहर में संचालित सभी थोक व फुटकर मंडियों में बेचे जा रहे फलों व सब्जियों की नमूना सैंपलिंग का विशेष अभियान चला धरपकड़ कार्रवाई होगी।
ताजा दिखाने के लिए वैक्स पॉलिश
सर्वे सर्विलांस की जांच में पाया गया कि सेब, संतरा, अनार जैसे फलों को ताजा दिखाने के लिए सिंथेटिक रंग के साथ वैक्स पॉलिश कर बेचा जा रहा है। वहीं लौकी-कद्दू जैसी सब्जियों को आक्सीटोसिन इंजेक्शन की डोज से जल्दी बड़ा कर बेचने लायक बना आम आदमी की सेहत दाव पर लगाई जा रही है। इसे गंभीरता से लेते हुए ही एफएसडीए मुख्यालय ने जिला इकाई को खाद्य सामग्री के साथ ही फलों व सब्जियों की नमूना सैंपलिंग भी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की अलग अलग टीमें गठित कर कराने का निर्देश दिया है।