भ्रष्टाचार निवारण की विशेष अदालत ने उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड के तत्कालीन प्रबंध निदेशक नवल किशोर के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी किया है।
विशेष न्यायाधीश वीके श्रीवास्तव ने मामले की अगली सुनवाई 12 नवंबर को मुकर्रर की है।
सरकारी वकील ने कोर्ट में अर्जी के साथ सुप्रीम कोर्ट का आदेश अदालत को देकर बताया कि पुलिस को-ऑपरेटिव सेल ने गत 10 जुलाई को नवल किशोर के खिलाफ पूरक चार्जशीट दाखिल कर दी थी।
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उस पर संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने नवल किशोर के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया था। कहा गया कि आरोपी के इसे चुनौती दिए जाने पर हाईकोर्ट ने आदेश पर 29 अगस्त को रोक लगा दिया था।
राज्य सरकार ने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। सुप्रीम कोर्ट ने 21 अक्तूबर को उच्च न्यायालय के आदेश को खारिज करते हुए कानून के मुताबिक कार्यवाही करने का निर्देश दिया।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक का तत्कालीन प्रबंध निदेशक नवल किशोर पर बैंक में सीधी भर्ती से चयन करने, नियम विरुद्ध प्रोन्नतियां करने, कम्प्यूटर खरीद में घोटाला, बैंक के घाटे में होने के बावजूद साज-सज्जा कराने, विदेश यात्रा करने समेत तमाम आरोपों को लेकर 11 जनवरी 2013 को हुसैनगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
विवेचना में सामने आया कि आरोपी ने प्रबंध निदेशक के पद पर रहते हुए वित्तीय अनियमितताएं कीं तथा 5 करोड़ 24 लाख 1 हजार 738 रुपये का घोटाला किया।
विवेचना के बाद पुलिस को-ऑपरेटिव सेल ने मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी थी।
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