हसनगंज के दरोगा बीएस सिंह ने 21 फरवरी 1994 को रिपोर्ट दर्ज करके बताया था कि लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव होने वाले थे, जिसमें छत्रसंघ महामंत्री ओंकार भारती बाबा और अरविंद सिंह गोप अध्यक्ष पद के लिए प्रचार कर रहे हैं और इसी प्रचार की रंजिश को लेकर 21 फरवरी को दिन में ओंकार भारती और अरविंद सिंह गोप के समर्थक छात्र हथियारों से लैस होकर कैशियर ऑफिस के सामने आपस मे भिड़ गए।
गाली-गलौच व मारपीट करते हुए एक दूसरे पर गोलियां और बम चलाना शुरू कर दिया। गोली और बम की आवाज सुनकर पुलिस पहुंची और मौके से ओंकार भारती और मेराज को कारतूसों के साथ गिरफ्तार किया। अरविंद सिंह गोप की भी गिरफ्तारी की गई।